
उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले में एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने पूरे इलाके में सनसनी मचा दी है। यहां के एक व्यक्ति ने जिलाधिकारी (डीएम) से अजीबोगरीब शिकायत की है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि उसकी पत्नी रात के समय “नागिन” बन जाती है और उसे डर है कि वह किसी दिन उसे डस लेगी। यह मामला अब पुलिस जांच के घेरे में है और स्थानीय प्रशासन भी हैरान है।
पति की सनसनीखेज शिकायत
मामला सीतापुर के लहरपुर तहसील क्षेत्र का है। यहां मेराज नाम के व्यक्ति ने डीएम कार्यालय में पहुंचकर अपनी पत्नी नसीमुन के खिलाफ एक अनोखी शिकायत दर्ज कराई। मेराज ने कहा कि उसकी पत्नी दिन में तो सामान्य रहती है, लेकिन जैसे ही रात होती है, उसका व्यवहार पूरी तरह बदल जाता है।
मेराज के मुताबिक, रात में पत्नी की आंखों में चमक आ जाती है, उसकी आवाज बदल जाती है और वह फुफकारने जैसी आवाजें निकालती है। पति ने यह भी दावा किया कि उसकी पत्नी के शरीर में अजीब हरकतें होती हैं, जिससे वह बेहद डर गया है। उसे संदेह है कि उसकी पत्नी पर किसी तांत्रिक या जादू-टोने का असर हो सकता है। मेराज ने जिलाधिकारी से अनुरोध किया कि उसकी सुरक्षा की जाए और नसीमुन की चिकित्सीय जांच कराई जाए।
प्रशासन भी चौंका, पुलिस जांच शुरू
डीएम कार्यालय में यह शिकायत सुनकर अधिकारी भी दंग रह गए। जिलाधिकारी ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए स्थानीय पुलिस को जांच के आदेश दिए हैं। पुलिस ने शिकायत मिलने के बाद मेराज और उसकी पत्नी दोनों से संपर्क साधने की कोशिश शुरू कर दी है।
प्राथमिक जांच में पुलिस को यह मामला घरेलू विवाद और अंधविश्वास से जुड़ा प्रतीत हो रहा है। अधिकारियों का कहना है कि पति के दावों की सच्चाई का पता लगाने के लिए चिकित्सकीय और मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों की मदद ली जा सकती है।
गांव में फैली अफवाहें और चर्चाएं
घटना की खबर फैलते ही लहरपुर इलाके में इस मामले की खूब चर्चा हो रही है। गांव में लोग इसे लेकर तरह-तरह की बातें कर रहे हैं। कुछ लोग इसे तंत्र-मंत्र या नाग-नागिन से जुड़ा मामला बता रहे हैं, जबकि अन्य इसे पति की गलतफहमी या मानसिक तनाव का परिणाम मान रहे हैं।
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि नसीमुन का व्यवहार हाल में जरूर कुछ अजीब हुआ है, लेकिन नागिन बनने जैसी बातों में कोई सच्चाई नहीं है। हालांकि, गांव के अंधविश्वासी लोगों ने इस घटना को “श्राप” या “पिछले जन्म के कर्मों” से जोड़कर फैलाना शुरू कर दिया है।
विशेषज्ञों की राय
मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के मामले अक्सर भ्रम (delusion) या मानसिक विकार से जुड़े होते हैं। कभी-कभी व्यक्ति किसी डर, संदेह या मानसिक तनाव की वजह से कल्पनाओं को वास्तविकता मानने लगता है। ऐसे मामलों में परिवार और समाज को समझदारी से काम लेना चाहिए, ताकि अंधविश्वास के बजाय वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाया जा सके।
सीतापुर का यह मामला न केवल अंधविश्वास की गहराई को दिखाता है, बल्कि यह भी बताता है कि ग्रामीण समाज में मानसिक स्वास्थ्य को लेकर जागरूकता कितनी कम है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है। रिपोर्ट आने के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि मामला वाकई किसी रहस्यमय शक्ति से जुड़ा है या फिर यह पति की भ्रांति और अंधविश्वास का परिणाम है।