
बॉलीवुड अभिनेत्री सनी लियोनी की गोद ली हुई बेटी निशा एक बार फिर चर्चा में हैं। महज 10 साल की उम्र में निशा ने अपनी समझदारी और क्रिएटिविटी से सबको चौंका दिया है। हाल ही में कोरियोग्राफर-फिल्ममेकर फराह खान जब सनी के घर पहुंचीं, तो उन्हें एक दिलचस्प बात पता चली—निशा खुद की छोटी सी कमाई कर रही हैं।
क्या है ‘बू बॉक्स’ आइडिया?
रिपोर्ट्स के मुताबिक, निशा ने एक छोटा-सा फन कॉन्सेप्ट तैयार किया है, जिसका नाम है ‘बू बॉक्स’। इसमें वह घर के सदस्यों के लिए छोटे-छोटे सरप्राइज या मजेदार आइटम रखती हैं और बदले में उनसे कुछ पॉकेट मनी चार्ज करती हैं।
यह आइडिया पूरी तरह बच्चों वाली मासूम सोच और बिजनेस माइंडसेट का मिश्रण है। सनी लियोनी ने हंसते हुए बताया कि निशा काफी स्मार्ट हैं और उन्हें नई-नई चीजें सोचने में मजा आता है।
बेटों को क्यों हुई जलन?
घर में मौजूद सनी के जुड़वां बेटे भी अपनी बहन की इस कमाई से थोड़ा चिढ़ गए। मजाकिया अंदाज में उन्होंने शिकायत की कि निशा उनसे भी पैसे लेती हैं।
हालांकि पूरा माहौल हल्का-फुल्का और हंसी-मजाक वाला था। सनी ने साफ किया कि यह सब बच्चों के बीच खेल-खेल में हो रहा है और इसका मकसद उन्हें जिम्मेदारी और पैसे की अहमियत समझाना है।
फराह खान का रिएक्शन
जब फराह खान को पता चला कि 10 साल की बच्ची खुद का छोटा-सा ‘बिजनेस मॉडल’ चला रही है, तो वह हैरान रह गईं। उन्होंने मजाक में कहा कि इतनी कम उम्र में यह सोच वाकई कमाल की है।
फराह ने निशा की तारीफ करते हुए कहा कि बच्चों को छोटी उम्र से ही आत्मनिर्भरता और क्रिएटिव सोच सिखाना अच्छी बात है।
सनी लियोनी की परवरिश का अंदाज
सनी लियोनी अक्सर अपने बच्चों की परवरिश को लेकर खुलकर बात करती रही हैं। उनका मानना है कि बच्चों को अनुशासन के साथ-साथ स्वतंत्र सोचने का मौका मिलना चाहिए।
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पॉकेट मनी का सही इस्तेमाल
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मेहनत से कमाई की समझ
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क्रिएटिविटी को बढ़ावा
इन सब बातों पर सनी खास ध्यान देती हैं।
सोशल मीडिया पर चर्चा
यह किस्सा सामने आते ही सोशल मीडिया पर लोगों ने अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दीं। कई यूजर्स ने निशा की समझदारी की सराहना की, तो कुछ ने इसे बच्चों की मासूम क्रिएटिविटी बताया।
निष्कर्ष
सनी लियोनी की 10 साल की बेटी का यह ‘बू बॉक्स’ आइडिया न सिर्फ मनोरंजक है, बल्कि यह दिखाता है कि नई पीढ़ी कितनी तेजी से सीख रही है। फराह खान भी इस अनोखे किस्से को सुनकर चौंक गईं।
यह कहानी बच्चों में आत्मनिर्भरता और कल्पनाशीलता को बढ़ावा देने का एक प्यारा उदाहरण बन गई है।