
हरियाणा के फरीदाबाद में चल रहे प्रसिद्ध सूरजकुंड मेला के दौरान बड़ा हादसा हो गया। मेले में लगा एक झूला अचानक टूटकर गिर गया, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। इस दुर्घटना में एक पुलिस इंस्पेक्टर की मौत हो गई, जबकि कई अन्य लोग घायल हो गए। घटना के बाद पूरे मेले परिसर में शोक और दहशत का माहौल है।
कैसे हुआ हादसा?
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, झूला सामान्य रूप से चल रहा था और उसमें कई लोग सवार थे। अचानक झूले की संरचना का एक हिस्सा टूट गया और पूरा ढांचा असंतुलित होकर नीचे आ गिरा। गिरते ही तेज आवाज हुई और आसपास मौजूद लोग घबरा गए।
मौके पर मौजूद सुरक्षाकर्मियों और मेले के कर्मचारियों ने तुरंत घायलों को बाहर निकाला और एंबुलेंस की मदद से अस्पताल पहुंचाया।
पुलिस इंस्पेक्टर की मौत
हादसे में घायल हुए पुलिस इंस्पेक्टर को गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। उनकी मौत की खबर से पुलिस विभाग और मेले में मौजूद लोगों के बीच शोक की लहर दौड़ गई।
अन्य घायलों का इलाज विभिन्न अस्पतालों में चल रहा है। कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है।
प्रशासन की प्रतिक्रिया
घटना के तुरंत बाद जिला प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। मेले के उस हिस्से को एहतियातन बंद कर दिया गया और सभी झूलों की जांच के आदेश दिए गए।
प्रशासन ने हादसे की जांच के लिए एक टीम गठित करने की बात कही है, जो यह पता लगाएगी कि झूला किस कारण से टूटा और क्या सुरक्षा मानकों में कोई लापरवाही हुई थी।
सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
सूरजकुंड मेला हर साल बड़ी संख्या में पर्यटकों को आकर्षित करता है। ऐसे में सुरक्षा मानकों का पालन अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। इस हादसे ने मेले में लगे झूलों और अन्य मनोरंजन साधनों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि बड़े आयोजनों में नियमित तकनीकी निरीक्षण और प्रमाणन अनिवार्य होना चाहिए, ताकि ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
प्रत्यक्षदर्शियों का बयान
मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि झूला गिरते ही चीख-पुकार मच गई। कुछ लोग खुद को बचाने के लिए कूद पड़े, जबकि कई लोग झूले के नीचे दब गए।
स्थानीय लोगों और पुलिसकर्मियों ने मिलकर राहत कार्य शुरू किया, जिससे कई लोगों को समय रहते अस्पताल पहुंचाया जा सका।
जांच और कार्रवाई
प्रशासन ने झूला संचालक और आयोजन से जुड़े जिम्मेदार लोगों से पूछताछ शुरू कर दी है। यदि सुरक्षा नियमों में लापरवाही पाई जाती है, तो संबंधित लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा सकती है।
फिलहाल मेले के अन्य झूलों की भी तकनीकी जांच की जा रही है।
निष्कर्ष
सूरजकुंड मेले में हुआ यह हादसा बेहद दुखद है। एक पुलिस इंस्पेक्टर की जान चली गई और कई लोग घायल हो गए। यह घटना बड़े सार्वजनिक आयोजनों में सुरक्षा मानकों के महत्व को रेखांकित करती है।
अब सबकी नजर जांच रिपोर्ट पर है, जो यह तय करेगी कि हादसे के पीछे क्या कारण थे और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्या कदम उठाए जाएंगे।