गाजीपुर में युवक ने मां-बाप और बहन की हत्या में बर्बरता की सारी हदें पार कर दीं। आरोपी ने पिता पर नौ, बहन पर सात और मां पर कुल्हाड़ी से तीन वार कर हत्या की थी। मृतकों की गर्दन, सिर, पीठ और बांह में चोट के निशान मिले हैं।


डिलियां गांव में महज 12 बिस्वा खेत के लिए कुल्हाड़ी से वार कर अभय यादव उर्फ भुट्टन ने कुल्हाड़ी से वारकर पिता शिवराम यादव, मां जमुनी देवी और बहन कुसुम यादव की हत्या कर दी थी। घटनास्थल पर पसरे खून और आसपास की स्थिति संघर्ष की पूरी कहानी बयां कर रही थी।

शाम तीन बजे से तीनों शवों का पोस्टमार्टम शुरू हुआ। पोस्टमार्टम हाउस के सूत्रों के मुताबिक, सबसे पहले शिवराम यादव का पोस्टमार्टम हुआ। शिवराम यादव के शरीर के नौ जगहों पर जख्म थे। सिर, पीठ और गर्दन पर गहरे चोट के निशान थे।


गर्दन पर गहरे चोट के निशान तो थे ही, दोनों बांह और कंधे पर भी कुल्हाड़ी के घाव गहरे थे। पोस्टमार्टम के बाद पुलिस ने तीनों शवों को रिश्तेदारों को सुपुर्द कर दिया।

गाजीपुर शहर कोतवाली क्षेत्र के डिलियां गांव की यादव बस्ती में रविवार को दोपहर करीब 12:30 बजे अभय यादव उर्फ भुट्टन (32) ने पिता शिवराम यादव (70), मां जमुनी देवी (65) और विवाहित बहन कुसुम (35) को दौड़ा-दौड़ाकर कुल्हाड़ी से काट डाला।


डिलियां गांव निवासी शिवराम यादव की बेटी कुसुम अपने पति से अलग होने के बाद पिछले सात साल से मायके में रह रही थी और खुद का मेडिकल स्टोर चलाती थी।


इससे नाराज अभय माता-पिता से झगड़ा करता रहता था। दोपहर करीब 12:30 बजे वह अपने माता-पिता से झगड़ रहा था। इसी बीच कुसुम स्कूटी से वहां पहुंची।

कुसुम को देखकर अभय कुल्हाड़ी लेकर उसे मारने के लिए दौड़ पड़ा। जान बचाने के लिए कुसुम खेतों की तरफ भागी लेकिन अभय ने कुल्हाड़ी से वारकर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद पिता शिवराम और माता जमुनी देवी की भी कुल्हाड़ी से हत्या कर दी।


ग्रामीणों ने बताया कि खतौनी पर बहन कुसुम का नाम चढ़ा देख अभय आग बबूला हो गया। यह रिश्तेदारों एवं अन्य लोगों से इसे लेकर बात करता था। ग्रामीणों ने बताया कि भूमि विवाद को लेकर रिश्तेदारों एवं कुछ लोगों के साथ पंचायत भी हुई थी लेकिन अभय और उसकी पत्नी के मन में भूमि की कसक ऐसी थी कि उसके सिर पर खून सवार हो गया था। वह अवसर भूमि के संबंध में ही बात करता था। दोनों किसी से ज्यादा मतलब नहीं रखते और कटकर रहते थे।

यादव बस्ती की जा रही सड़क से घटनास्थल की दूरी करीब 50 मीटर है। सड़क से कच्चा रास्ता ही आगे गया है। ऐसे में पुलिस ने शिवराम यादव, जमुनी देवी और कुसुम के शव को खाट पर ही रखकर सड़क तक पहुंचाया। मुख्य सड़क पर पिकअप में तीनों शवों को रखने के बाद पुलिस रवाना हो गई। वहीं इलाके के चट्टी-चौराहों पर लोगों की जुबां पर हत्याकांड की ही चर्चा बनी हुई थी। हर कोई इस घटना से आहत दिखाई पड़ा।
