डेजी शाह ने शेयर किया कास्टिंग काउच अनुभव, बोलीं डायरेक्टर के व्यवहार से सहम गई थी

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बॉलीवुड अभिनेत्री Daisy Shah ने हाल ही में अपने करियर से जुड़ा एक चौंकाने वाला अनुभव साझा किया है, जिसमें उन्होंने कास्टिंग काउच जैसी स्थिति का सामना करने की बात कही। उनके इस खुलासे ने एक बार फिर फिल्म इंडस्ट्री में महिलाओं की सुरक्षा और कामकाजी माहौल को लेकर चर्चा तेज कर दी है।

Daisy Shah ने बताया कि यह घटना उनके करियर के शुरुआती दिनों की है, जब वह इंडस्ट्री में अपनी जगह बनाने की कोशिश कर रही थीं। उन्होंने कहा कि एक फिल्म निर्देशक ने उन्हें मीटिंग के बहाने अकेले कमरे में बुलाया था। शुरुआत में उन्हें लगा कि यह सामान्य प्रोफेशनल बातचीत होगी, लेकिन वहां पहुंचने के बाद स्थिति अलग हो गई।

अभिनेत्री के अनुसार, निर्देशक का व्यवहार असहज करने वाला था और उन्होंने अनुचित तरीके से उन्हें छूने की कोशिश की। इस घटना से वह घबरा गईं और तुरंत वहां से निकलने का फैसला किया। उन्होंने बताया कि उस समय वह काफी डर गई थीं और समझ नहीं पा रही थीं कि ऐसी स्थिति में क्या करना चाहिए।

Daisy Shah ने यह भी कहा कि उस अनुभव ने उन्हें अंदर तक झकझोर दिया था। हालांकि उन्होंने उस समय इस बारे में ज्यादा खुलकर बात नहीं की, लेकिन बाद में उन्हें एहसास हुआ कि ऐसी घटनाओं पर आवाज उठाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि अगर लोग चुप रहते हैं तो इस तरह की घटनाएं दोहराई जाती रहती हैं।

उन्होंने यह भी बताया कि उस घटना के बाद उन्होंने खुद को और अधिक सतर्क बनाना शुरू किया। किसी भी मीटिंग या काम के लिए जाने से पहले पूरी जानकारी लेना और सुरक्षित माहौल सुनिश्चित करना उन्होंने अपनी प्राथमिकता बना ली। उन्होंने यह भी कहा कि नए कलाकारों को भी इस तरह की परिस्थितियों के लिए तैयार रहना चाहिए और किसी भी असहज स्थिति में तुरंत वहां से निकल जाना चाहिए।

फिल्म इंडस्ट्री में कास्टिंग काउच का मुद्दा पहले भी कई बार उठ चुका है। कई अभिनेत्रियों ने अपने अनुभव साझा किए हैं, जिससे यह स्पष्ट होता है कि यह समस्या लंबे समय से मौजूद है। हालांकि समय के साथ जागरूकता बढ़ी है और अब इस विषय पर खुलकर बात की जा रही है।

Daisy Shah के इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर भी चर्चा तेज हो गई है। कई लोगों ने उनके साहस की सराहना की और कहा कि इस तरह की घटनाओं को सामने लाना जरूरी है। वहीं कुछ लोगों ने फिल्म इंडस्ट्री में कामकाजी माहौल को बेहतर बनाने की जरूरत पर जोर दिया।

विशेषज्ञों का मानना है that ऐसे मामलों में जागरूकता और सख्त नियमों की जरूरत होती है। कार्यस्थल पर सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए स्पष्ट दिशानिर्देश और शिकायत निवारण तंत्र होना चाहिए। इससे पीड़ितों को आगे आकर अपनी बात कहने में मदद मिलती है।

इस तरह के अनुभव यह भी दिखाते हैं कि इंडस्ट्री में नए लोगों के लिए चुनौतियां कितनी बड़ी हो सकती हैं। खासकर महिलाओं को कई बार असुरक्षित परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में सुरक्षित और सम्मानजनक कार्य वातावरण बनाना बेहद जरूरी है।

कुल मिलाकर Daisy Shah द्वारा साझा किया गया यह अनुभव फिल्म इंडस्ट्री की एक कड़वी सच्चाई को सामने लाता है। यह घटना न केवल व्यक्तिगत स्तर पर बल्कि पूरे उद्योग के लिए एक गंभीर मुद्दा है। इससे यह संदेश भी मिलता है कि ऐसी परिस्थितियों के खिलाफ आवाज उठाना जरूरी है ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।

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