नीट पेपर लीक विवाद के बीच शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने प्रधानमंत्री मोदी को अपना इस्तीफा सौंप दिया है। उन्होंने कहा कि पिछले 10 दिनों के घटनाक्रम से उनका मन व्यथित है और वे नहीं चाहते कि राष्ट्र विरोधी ताकतें इसका फायदा उठाएं।

डिजिटल डेस्क। नीट-पेपर लीक को लेकर देश भर में जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने प्रधानमंत्री मोदी को अपना इस्तीफा सौंप दिया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इसकी जानकारी देते हुए शिक्षा मंत्री ने लिखा कि पिछले 10 दिनों के घटनाक्रम से उनका मन अत्यंत व्यथित और दुखी है।
उन्होंने साफ किया कि वह नहीं चाहते कि राष्ट्र विरोधी ताकतें इस स्थिति का फायदा उठाएं या देश के युवाओं का भविष्य कानूनी पेचीदगियों में उलझे। आइए जानते हैं धर्मेंद्र प्रधान ने अपनी चिट्ठी में क्या-क्या लिखा?
पूरी चिट्ठी यहां पढ़ें
मेरे युवा साथियों,
मैं पिछले 4 दशकों से अधिक समय से छात्र, शिक्षक और शिक्षा सुधार के लिए समर्पित रहा हूं। मेरा सदैव यह विश्वास रहा है कि एक सशक्त, समावेशी और दूरदर्शी शिक्षा व्यवस्था ही सशक्त राष्ट्र की आधारशिला होती है।
मैं देश के युवाओं की आकांक्षाओं, भावनाओं और उनकी न्यायोचित अपेक्षाओं का गहरा सम्मान करता हूँ। भारत की युवा पीढ़ी के सपनों को साकार करना हम सभी के राजनीतिक एवं सामाजिक जीवन का नैतिक संकल्प रहा है। आदरणीय प्रधानमंत्री जी के दूरदर्शी नेतृत्व में राष्ट्र की सेवा करने का जो अवसर मुझे प्राप्त हुआ उसके लिए मैं प्रधानमंत्री जी का आभार प्रकट करता हूं।
किंतु 3 मई 2026 को हुई NEET-UG की परीक्षा में सामने आई अनियमितता पाई गई। भारत सरकार ने इसको तुरंत संज्ञान में लेते हुए जांच सीबीआई को सौंपी और परीक्षा को रद्द किया एवं पुनः परीक्षा की तिथि घोषित की गई। इसके साथ ही अगले वर्ष से इस परीक्षा को सीबीटी (Computer-based-test) मोड में करने का निर्णय लिया गया।
इस दौरान हमारी प्रमुख प्राथमिकता यह रही कि 20 लाख से अधिक छात्रों की परीक्षा सुचारू रूप से आयोजित की जाए। इसके लिए whole of government approach के तहत काम किया गया। इसमें भारत सरकार के साथ राज्य सरकार, विशेषकर जिला प्रशासन की महत्वपूर्ण भूमिका रही। साथ ही, छात्रों, अभिभावक और माता-पिता के सहयोग से 21 जून 2026 को यह परीक्षा पूर्ण हुई।
पहले ही दिन से, इसपर मैंने जिम्मेदारी ली और इस परिस्थिति से कभी मुंह नहीं मोड़ा। मेरा यह संकल्प था कि हम किसी भी मेधावी छात्र की संभावना परीक्षा माफिया के कारण खराब नहीं होने देंगे, किसी भी छात्र के साथ अन्याय नहीं होने देंगे।
16 जुलाई को घोषित नीट-यूजी के परिणाम संतोषजनक रहे जिसमें गरीब पृष्ठभूमि से आए कई मेधावी छात्रों को भी सफलता मिली।
परंतु इस दौरान भी कई छात्रों को गुमराह करने के लिए जिम्मेदार पदों पर बैठे व्यक्तियों ने बाधा डालने की कोशिश की, जिससे मन अत्यंत व्यथित हुआ।
मैं सदैव हमारे प्रजातंत्र की शक्ति में अटूट विश्वास रखने वाला रहा हूँ तथा युवाओं की आकांक्षाओं, सपनों और अपेक्षाओं का गहरा सम्मान करता आया हूँ। वे केवल भारत का भविष्य ही नहीं हैं, बल्कि एक नए और विकसित भारत के वाहक, निर्माता और भविष्य के शिल्पकार भी हैं।
पिछले 10 दिनों का घटनाक्रम देखकर मेरा मन दुःखी है। यह मेरे लिए व्यक्तिगत प्रतिष्ठा का विषय नहीं है।
भारत की युवाशक्ति ही, इस देश की असली ताकत है।
देश की युवाशक्ति को भ्रम के कुचक्र में फंसने नहीं देंगे, यही मेरा संकल्प है।
जंतर-मंतर पर और देश में जो स्थिति बनी है, इस स्थिति का राष्ट्र विरोधी ताकतें लाभ ना उठाएं, देश की एकता बनी रहे, भारत के एक भी विद्यार्थी का भविष्य कानूनी पेचीदगियों में ना उलझे, हमारे बच्चे अपना समय पढ़ाई में लगाएं, करियर बनाने पर फोकस करें, इसी बात पर विचार करते हुए मैंने अपना त्यागपत्र माननीय प्रधानमंत्री जी को भेज दिया है।
मैं आदरणीय प्रधानमंत्री जी के मार्गदर्शन, विश्वास और निरंतर सहयोग के लिए हार्दिक कृतज्ञता व्यक्त करता हूँ। साथ ही, मंत्रिपरिषद के अपने सभी सम्मानित सहयोगियों, मंत्रालय के अधिकारियों एवं कर्मचारियों तथा उन सभी व्यक्तियों का भी आभार व्यक्त करता हूँ, जिनके साथ मुझे कार्य करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। राष्ट्रसेवा मेरे जीवन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। मैं इसके लिए सदैव समर्पित रहूँगा।
प्रभु श्रीजगन्नाथ जी के आशीर्वाद से मैं भविष्य में भी भारत माता, ओडिशा की जनता तथा देश के युवाओं की आकांक्षाओं की पूर्ति के लिए हर संभव रूप में स्वयं को समर्पित रखूँगा।
आपका,
धर्मेंद्र प्रधान
अब तक क्या क्या हुआ?
- 3 मई– देशभर में NEET-UG 2026 परीक्षा हुई।
- 12 मई– पेपर लीक के आरोप लगे, परीक्षा रद्द कर री-एग्जाम की घोषणा की गई।
- 15 मई– CJ। जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि बेरोजगार युवा कॉकरोच की तरह हर जगह फैल जाते हैं।
- 16 मई– अभिजीत दीपके ने कॉकरोच जनता पार्टी का अकाउंट बनाया, सोशल मीडिया मूवमेंट शुरू हुआ।
- 6 जून– CJP ने शिक्षा मंत्री के खिलाफ दिल्ली के जंतर-मंतर पर पहली बार प्रदर्शन किया।
- 20 जून– कॉकरोच पार्टी ने जंतर-मंतर पर दूसरा विरोध प्रदर्शन हुआ, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ के मांग।
- 28 जून– कॉकरोच पार्टी का समर्थन कर रहे एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक अनशन पर बैठ गए।
- 20 जुलाई– संसद के मानसून सत्र के पहले दिन CJP ने ‘चलो संसद’ मार्च निकाला। प्रदर्शन में शामिल लोगों पर पुलिस ने लाठीचार्ज और टियर गैस का इस्तेमाल किया।
- 21 जुलाई– राहुल, प्रियंका और अखिलेश यादव ने पीएम आवास के बाहर प्रदर्शन किया।
- 21 जुलाई– संसद के मानसून सत्र में विपक्ष ने NEET, लाठीचार्ज और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे का मुद्दा उठाया।
- 22 जुलाई– संसद में लगातार तीन दिन विपक्ष ने प्रदर्शन जारी रखा और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग की।
- 23 जुलाई– प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पेपर लीक मामलों के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाने का ऐलान किया। लेकिन विपक्ष ने इस्तीफे की मांग रखी।
- 24 जुलाई– पेपर लीक के बीच NTA ने 47 अधिकारियों को बर्खास्त कर दिया। इनके खिलाफ केस भी दर्ज होगा।
- 25 जुलाई– शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दिया।