देशभर में इंडिगो का ऑपरेशनल संकट: दिल्ली-मुंबई से लेकर हैदराबाद-बेंगलुरु तक 11 एयरपोर्ट पर 570 उड़ानें रद्द, हजारों यात्री परेशान

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भारत की सबसे बड़ी घरेलू एयरलाइन इंडिगो (IndiGo) एक बार फिर बड़े ऑपरेशनल संकट में फंस गई है। देश के प्रमुख शहरों दिल्ली, मुंबई, हैदराबाद और बेंगलुरु समेत कुल 11 एयरपोर्ट्स पर इंडिगो की 570 से अधिक उड़ानें अचानक रद्द कर दी गईं, जिससे हजारों यात्री गंभीर परेशानी में फंस गए। उड़ानें रद्द होने के बाद री-शेड्यूलिंग और रिफंड को लेकर यात्रियों को घंटों एयरपोर्ट पर भटकना पड़ा और कई लोग सोशल मीडिया पर अपनी नाराज़गी जाहिर करते नजर आए।

यह स्थिति उस समय सामने आई जब एयरलाइन इंडिगो पहले से ही फ्लाइट डिले, स्टाफ की कमी और तकनीकी दिक्कतों जैसी चुनौतियों से जूझ रही थी। इस बार असर इतना बड़ा रहा कि पूरा घरेलू एविएशन सिस्टम हिलता हुआ नजर आया।


✈️ कौन-कौन से एयरपोर्ट हुए सबसे ज्यादा प्रभावित?

जानकारी के मुताबिक जिन 11 एयरपोर्ट्स पर सबसे ज्यादा उड़ानें रद्द हुईं, उनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं—

  • दिल्ली

  • मुंबई

  • हैदराबाद

  • बेंगलुरु

  • चेन्नई

  • पुणे

  • कोलकाता

  • अहमदाबाद

  • जयपुर

  • कोच्चि

  • लखनऊ

इन एयरपोर्ट्स से देश के अलग-अलग हिस्सों में जाने वाली और आने वाली सैकड़ों फ्लाइट्स प्रभावित हुईं। कई यात्रियों की इंटरनेशनल कनेक्टिंग फ्लाइट्स भी मिस हो गईं, जिससे उनका आर्थिक नुकसान भी हुआ।


⚠️ क्यों रद्द हुईं इतनी बड़ी संख्या में उड़ानें?

इंडिगो की ओर से सामने आई शुरुआती जानकारी के अनुसार यह संकट कई कारणों का नतीजा है, जिनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं—

  1. तकनीकी खराबी:
    कई विमानों में तकनीकी दिक्कतें आने की बात सामने आई है, जिसकी वजह से सुरक्षा कारणों से उड़ानें रद्द करनी पड़ीं।

  2. क्रू और पायलट की कमी:
    बताया जा रहा है कि एक बड़ी संख्या में पायलट और क्रू मेंबर उपलब्ध नहीं थे, जिससे कई रूट्स पर फ्लाइट ऑपरेट कर पाना संभव नहीं हो सका।

  3. एयर ट्रैफिक दबाव:
    देशभर में यात्रियों की संख्या बढ़ने और लगातार खराब मौसम के कारण एयर ट्रैफिक पर अतिरिक्त दबाव बना, जिससे शेड्यूल पूरी तरह गड़बड़ा गया।

  4. मेंटेनेंस से जुड़ी परेशानियां:
    कुछ विमानों की समय पर मेंटेनेंस नहीं हो पाने की वजह से उड़ानें ग्राउंड पर ही रोक दी गईं।


😡 यात्रियों का गुस्सा फूटा

हजारों यात्री जब एयरपोर्ट पहुंचे और उन्हें यह पता चला कि उनकी फ्लाइट रद्द हो चुकी है, तो एयरपोर्ट पर माहौल तनावपूर्ण हो गया।

  • कई यात्रियों ने टिकट महीनों पहले बुक किए थे।

  • किसी को शादी में शामिल होना था, तो किसी को जरूरी बिजनेस मीटिंग।

  • कई छात्र परीक्षा देने जा रहे थे।

फ्लाइट रद्द होने के बाद उन्हें न तो समय पर कोई वैकल्पिक व्यवस्था मिली और न ही तुरंत रिफंड।

सोशल मीडिया पर यात्रियों ने लिखा कि—

  • कस्टमर केयर बेहद सुस्त रहा

  • फोन और ऐप लगातार हैंग हो रहे थे

  • एयरपोर्ट काउंटर पर लंबी कतारें लग गई थीं

लोगों ने इंडिगो पर यह आरोप भी लगाया कि उसने यात्रियों को पहले से कोई स्पष्ट सूचना नहीं दी।


💸 रिफंड और री-शेड्यूलिंग बना सबसे बड़ी समस्या

फ्लाइट रद्द होने के बाद मुख्य परेशानी रिफंड और री-शेड्यूलिंग को लेकर सामने आई—

  • कई यात्रियों को बताया गया कि रिफंड में 7 से 10 दिन लगेंगे

  • कुछ यात्रियों को जबरन अगली तारीख की फ्लाइट में शिफ्ट कर दिया गया

  • कई मामलों में किराया ज्यादा होने की वजह से यात्रियों को अतिरिक्त पैसे देने पड़े

यात्रियों का कहना है कि जिस संकट के लिए वे जिम्मेदार नहीं हैं, उसका खामियाजा उन्हें भुगतना पड़ रहा है।


🏢 इंडिगो की सफाई क्या है?

इंडिगो एयरलाइंस ने अपने बयान में कहा है कि—

  • कंपनी “अप्रत्याशित परिचालन कारणों” की वजह से उड़ानें रद्द करने को मजबूर हुई

  • यात्रियों को रिफंड और री-शेड्यूलिंग की सुविधा दी जा रही है

  • स्टाफ को निर्देश दिए गए हैं कि यात्रियों की परेशानी कम से कम हो

हालांकि, यात्रियों का कहना है कि ज़मीनी हकीकत इससे बिल्कुल अलग रही।


📉 एविएशन सेक्टर की साख पर असर

लगातार उड़ानों के रद्द होने और यात्रियों की बढ़ती नाराजगी का असर अब पूरे भारतीय एविएशन सेक्टर की साख पर पड़ता नजर आ रहा है।

  • लोग फ्लाइट से सफर को लेकर डरने लगे हैं

  • बिजनेस ट्रैवल पर भरोसा कम हो रहा है

  • एयरलाइन कंपनियों पर यात्रियों का भरोसा कमजोर हो रहा है

विशेषज्ञों का मानना है कि अगर ऐसी घटनाएं बार-बार होती रहीं, तो इसका सीधा असर पर्यटन, व्यापार और निवेश पर भी पड़ेगा।


🏛️ नागरिक उड्डयन मंत्रालय की निगरानी

इस संकट के बाद नागरिक उड्डयन मंत्रालय की नजर भी पूरी तरह इंडिगो पर टिक गई है। माना जा रहा है कि मंत्रालय इंडिगो से—

  • ऑपरेशनल फेल्योर की रिपोर्ट

  • मेंटेनेंस ऑडिट

  • क्रू मैनेजमेंट से जुड़े दस्तावेज
    मांग सकता है।

अगर जांच में लापरवाही सामने आती है, तो एयरलाइन पर भारी जुर्माना या ऑपरेशनल पाबंदियां भी लग सकती हैं।


🧑‍✈️ कर्मचारियों पर भी बढ़ा दबाव

इस पूरे मामले का असर सिर्फ यात्रियों पर ही नहीं, बल्कि इंडिगो के कर्मचारियों पर भी पड़ा है।

  • ग्राउंड स्टाफ को यात्रियों के गुस्से का सामना करना पड़ा

  • कुछ एयरपोर्ट पर कर्मचारियों से तीखी बहस हुई

  • कई जगह पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा

कर्मचारियों का कहना है कि वे खुद सिस्टम की कमजोरी की वजह से संकट में फंस गए।


🌧️ मौसम और तकनीकी संकट की डबल मार

कई शहरों में खराब मौसम ने भी हालात बिगाड़ने का काम किया। विजिबिलिटी कम होने, रनवे पर पानी भरने और तेज हवाओं की वजह से पहले से ही उड़ानों पर असर था। उसी के साथ इंडिगो की तकनीकी और स्टाफ की समस्याओं ने मिलकर स्थिति को और भयावह बना दिया।


🔍 आगे क्या होगा?

अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि—

  • क्या इंडिगो इस तरह के संकट से सबक ले पाएगी?

  • क्या यात्रियों को पूरा और समय पर रिफंड मिलेगा?

  • क्या सरकार भविष्य में एयरलाइंस पर सख्त नियम लागू करेगी?

फिलहाल यात्रियों की नजरें सिर्फ एक चीज पर टिकी हैं— उन्हें कब, कैसे और कितनी जल्दी उनका पैसा वापस मिलेगा।


✅ निष्कर्ष

दिल्ली, मुंबई, हैदराबाद और बेंगलुरु जैसे बड़े महानगरों समेत 11 एयरपोर्ट पर इंडिगो की 570 से अधिक उड़ानों का रद्द होना सिर्फ एक तकनीकी चूक नहीं, बल्कि भारत के एविएशन सिस्टम की बड़ी चेतावनी है। इस घटना ने यह साफ कर दिया है कि अगर एयरलाइंस की प्लानिंग, मेंटेनेंस और स्टाफ मैनेजमेंट मजबूत न हो, तो पूरा सिस्टम कुछ घंटों में चरमरा सकता है।

आज हजारों यात्री मानसिक तनाव, आर्थिक नुकसान और अनिश्चितता से जूझ रहे हैं। अब देखना यह होगा कि इंडिगो इस संकट से कितनी जल्दी उबरती है और यात्रियों का भरोसा दोबारा कायम कर पाती है या नहीं।

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