दिल्ली अग्निकांड में बड़ी कार्रवाई: होटल मालिक गिरफ्तार, लुकआउट नोटिस के बाद पुलिस ने दबोचा

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दिल्ली के दक्षिणी इलाके हौज रानी में स्थित फ्लोरिश स्टे बी एंड बी होटल में हुए भीषण अग्निकांड के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए होटल मालिक लवकेश बजाज को गिरफ्तार कर लिया है। इस घटना में 21 लोगों की मौत के बाद पुलिस लगातार होटल संचालकों और जिम्मेदार लोगों की तलाश कर रही थी। गिरफ्तारी से पहले पुलिस ने आरोपी के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर (LOC) भी जारी किया था ताकि वह देश छोड़कर भाग न सके।

यह हादसा राजधानी की हालिया सबसे बड़ी आग की घटनाओं में से एक माना जा रहा है। हौज रानी स्थित फ्लोरिश स्टे बी एंड बी में लगी भीषण आग ने कुछ ही मिनटों में पूरे भवन को अपनी चपेट में ले लिया। घटना के दौरान होटल में बड़ी संख्या में मेहमान मौजूद थे, जिनमें विदेशी नागरिक भी शामिल बताए गए हैं। आग और धुएं के कारण कई लोग बाहर नहीं निकल सके, जिससे भारी जनहानि हुई।

जांच के दौरान सामने आया कि होटल संचालन और सुरक्षा व्यवस्थाओं को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। शुरुआती जांच में यह जानकारी मिली कि होटल के पास सीमित कमरों की अनुमति थी, लेकिन वास्तविक संचालन इससे कहीं अधिक स्तर पर किया जा रहा था। अधिकारियों को यह भी संदेह है कि भवन में अग्नि सुरक्षा मानकों का पर्याप्त पालन नहीं किया गया था।

हादसे के बाद दिल्ली पुलिस ने तुरंत मामला दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस अधिकारियों ने होटल मालिक और अन्य संबंधित लोगों की तलाश के लिए कई टीमों का गठन किया। इसी दौरान आरोपी के फरार होने की आशंका को देखते हुए उसके खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किया गया। एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन और अन्य संवेदनशील स्थानों पर भी अलर्ट जारी किया गया था।

पुलिस के अनुसार लवकेश बजाज को हिरासत में लेने के बाद उससे पूछताछ की जा रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि होटल में सुरक्षा संबंधी व्यवस्थाओं की स्थिति क्या थी और क्या किसी प्रकार की लापरवाही इस बड़े हादसे का कारण बनी।

इस दर्दनाक घटना में मरने वालों की संख्या 21 बताई गई है। कई लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं और विभिन्न अस्पतालों में उनका इलाज जारी है। कुछ घायलों को आग से बचने के लिए ऊंची मंजिलों से कूदना पड़ा, जिसके कारण उन्हें गंभीर चोटें आईं। कई मरीजों को हड्डियों, रीढ़ और फेफड़ों से जुड़ी गंभीर समस्याओं के साथ अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आग इतनी तेजी से फैली कि लोगों को बाहर निकलने का पर्याप्त समय नहीं मिला। होटल के भीतर धुएं का घनत्व लगातार बढ़ता गया, जिससे बचाव कार्य और अधिक कठिन हो गया। कई लोगों ने जान बचाने के लिए खिड़कियों और ऊपरी मंजिलों से बाहर निकलने की कोशिश की।

हादसे के बाद दिल्ली फायर सर्विस, पुलिस, दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण और एम्बुलेंस सेवाओं ने संयुक्त रूप से बड़े स्तर पर राहत एवं बचाव अभियान चलाया। दर्जनों लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया और अस्पतालों में भर्ती कराया गया। बचाव कार्य कई घंटों तक जारी रहा।

जांच एजेंसियां अब यह भी पता लगाने में जुटी हैं कि होटल में अग्निशमन उपकरणों की उपलब्धता और उनकी कार्यशील स्थिति क्या थी। यदि सुरक्षा मानकों में लापरवाही साबित होती है, तो होटल मालिक और अन्य जिम्मेदार लोगों के खिलाफ गंभीर कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।

कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि यदि जांच में यह साबित होता है कि सुरक्षा नियमों की अनदेखी के कारण लोगों की जान गई, तो मामले में गैर-इरादतन हत्या जैसे गंभीर आरोप भी लगाए जा सकते हैं। पुलिस पहले ही गंभीर धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर चुकी है और मामले को संवेदनशीलता से देख रही है।

इस हादसे के बाद दिल्ली में होटलों और बी एंड बी प्रतिष्ठानों की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठने लगे हैं। कई राजनीतिक नेताओं और सामाजिक संगठनों ने राजधानी में संचालित ऐसे प्रतिष्ठानों की व्यापक जांच की मांग की है। दिल्ली सरकार ने भी इस घटना के बाद संबंधित नीतियों की समीक्षा का संकेत दिया है।

फिलहाल होटल मालिक की गिरफ्तारी को जांच में महत्वपूर्ण प्रगति माना जा रहा है। अब पुलिस और जांच एजेंसियां यह जानने की कोशिश कर रही हैं कि इस त्रासदी के पीछे केवल लापरवाही थी या सुरक्षा नियमों के उल्लंघन का कोई बड़ा नेटवर्क भी मौजूद था। आने वाले दिनों में पूछताछ और तकनीकी जांच के आधार पर इस मामले में और बड़े खुलासे सामने आ सकते हैं।

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