राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला: दूसरी कार भी बरामद, आरोपी अनुकल्प मिश्रा की निशानदेही पर सोने की चेन और पेंडेंट भी मिले

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अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी के मामले में विशेष जांच दल (SIT) को जांच के दौरान एक और बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने मुख्य आरोपियों में शामिल अनुकल्प मिश्रा की निशानदेही पर दूसरी कार बरामद करने के साथ-साथ सोने की एक चेन और पेंडेंट भी जब्त किए हैं। जांच एजेंसियों का मानना है कि ये सामान कथित रूप से चढ़ावे की रकम से खरीदे गए थे। बरामदगी के बाद पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि चोरी की गई रकम का इस्तेमाल किन-किन संपत्तियों और अन्य वस्तुओं की खरीद में किया गया।

पुलिस के अनुसार, अनुकल्प मिश्रा से पूछताछ के दौरान मिली जानकारी के आधार पर एक मारुति स्विफ्ट डिजायर कार बरामद की गई है। इससे पहले भी जांच एजेंसियां आरोपियों के कब्जे से एक अन्य वाहन जब्त कर चुकी थीं। अब दूसरी कार की बरामदगी के बाद यह आशंका और मजबूत हुई है कि कथित रूप से गबन की गई राशि का उपयोग चल-अचल संपत्तियां खरीदने में किया गया। पुलिस इन खरीद-फरोख्त से जुड़े दस्तावेजों और भुगतान के स्रोत की भी जांच कर रही है।

जांच के दौरान पुलिस ने अनुकल्प मिश्रा की निशानदेही पर सोने की चेन और एक पेंडेंट भी बरामद किया है। अधिकारियों का कहना है कि इन आभूषणों की खरीद के लिए उपयोग की गई धनराशि की जांच की जा रही है। यदि यह साबित होता है कि इन्हें कथित तौर पर चढ़ावे के पैसों से खरीदा गया था, तो इन्हें मामले के महत्वपूर्ण साक्ष्य के रूप में शामिल किया जाएगा। फिलहाल बरामद सामान का मूल्यांकन और दस्तावेजी सत्यापन कराया जा रहा है।

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में अब तक आठ लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों में बैंकिंग व्यवस्था, चढ़ावे की गिनती और संबंधित कार्यों से जुड़े लोग शामिल हैं। जांच एजेंसियों का आरोप है कि सभी ने मिलकर एक सुनियोजित तरीके से चढ़ावे की राशि का गबन किया। हालांकि आरोपियों के खिलाफ मामला अभी न्यायालय में विचाराधीन है और दोष सिद्ध होना बाकी है।

विशेष जांच दल लगातार आरोपियों की वित्तीय गतिविधियों की भी जांच कर रहा है। पुलिस ने कई बैंक खातों को फ्रीज किया है और आरोपियों से जुड़े बैंक रिकॉर्ड, निवेश, भूमि और अन्य संपत्तियों का विवरण खंगाला जा रहा है। इसके साथ ही आयकर विभाग सहित अन्य एजेंसियों से भी आवश्यक सहयोग लिया जा रहा है ताकि कथित धन के पूरे लेन-देन का पता लगाया जा सके।

जांच अधिकारियों का कहना है कि अब तक नकदी, सोने के आभूषण और कई संपत्तियों से जुड़े दस्तावेज बरामद किए जा चुके हैं। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि कथित रूप से गबन की गई राशि का कितना हिस्सा विभिन्न निवेशों, वाहनों और अन्य संपत्तियों में लगाया गया। इसके लिए आरोपियों के बैंक खातों, निवेश पोर्टफोलियो और वित्तीय लेन-देन का गहन विश्लेषण किया जा रहा है।

इस मामले में हाल ही में अदालत ने जेल में बंद पांच आरोपियों से जेल परिसर में पूछताछ की भी अनुमति दी है। जांच एजेंसियों का मानना है कि आमने-सामने पूछताछ से कथित साजिश, धन के प्रवाह और अन्य संभावित संलिप्त लोगों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिल सकती है। पुलिस का कहना है कि पूछताछ के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

इस बीच श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की व्यवस्थाओं को लेकर भी कई स्तरों पर समीक्षा शुरू हो गई है। जांच के समानांतर चढ़ावे की गिनती, सुरक्षा व्यवस्था और वित्तीय प्रक्रियाओं की भी पड़ताल की जा रही है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके। हाल के दिनों में ट्रस्ट के प्रशासनिक ढांचे में भी बदलाव किए गए हैं और नई निगरानी व्यवस्था लागू करने की दिशा में कदम उठाए गए हैं।

फिलहाल पुलिस का कहना है कि जांच अभी जारी है और बरामद दूसरी कार, सोने की चेन तथा पेंडेंट समेत सभी साक्ष्यों की फोरेंसिक और वित्तीय जांच की जाएगी। यदि आगे की जांच में अन्य संपत्तियों या व्यक्तियों की संलिप्तता सामने आती है, तो कानून के अनुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। आने वाले दिनों में SIT की जांच इस बहुचर्चित मामले में और महत्वपूर्ण खुलासे कर सकती है।

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