
नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में मंगलवार को किसानों की प्रस्तावित महारैली और महापंचायत को देखते हुए दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने विस्तृत ट्रैफिक एडवाइजरी जारी की है। राजधानी के किसान घाट पर आयोजित होने वाले इस बड़े प्रदर्शन में पंजाब सहित कई राज्यों से हजारों किसानों के शामिल होने की संभावना है। सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए पुलिस ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने, सार्वजनिक परिवहन का अधिक से अधिक उपयोग करने तथा प्रभावित मार्गों के स्थान पर वैकल्पिक रास्तों का चयन करने की सलाह दी है।
किसानों का यह प्रदर्शन प्रस्तावित भारत-अमेरिका मुक्त व्यापार समझौते (FTA) के विरोध में आयोजित किया जा रहा है। किसान संगठनों का कहना है कि यदि कृषि और डेयरी क्षेत्र को पर्याप्त सुरक्षा दिए बिना समझौते को लागू किया जाता है, तो इसका सीधा असर देश के छोटे और सीमांत किसानों पर पड़ सकता है। इसी मुद्दे को लेकर देशभर के विभिन्न किसान संगठन दिल्ली में एकत्र होकर सरकार के समक्ष अपनी मांगें रखने वाले हैं।
दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के अनुसार, किसान घाट और उसके आसपास के क्षेत्रों में सुबह से ही सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। प्रदर्शन के दौरान मध्य दिल्ली के कई प्रमुख मार्गों पर यातायात का दबाव बढ़ सकता है। आवश्यकता पड़ने पर कुछ स्थानों पर ट्रैफिक डायवर्जन भी लागू किए जाएंगे। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि स्थिति के अनुसार यातायात व्यवस्था में समय-समय पर बदलाव किया जा सकता है।
एडवाइजरी के अनुसार, राजघाट, किसान घाट, आईटीओ, रिंग रोड के कुछ हिस्से, दिल्ली गेट, इंडिया गेट, जनपथ, तिलक मार्ग, बहादुर शाह जफर मार्ग तथा केंद्रीय दिल्ली के अन्य संवेदनशील इलाकों में भारी भीड़ और ट्रैफिक जाम की संभावना है। इन क्षेत्रों से गुजरने वाले यात्रियों को यात्रा से पहले ट्रैफिक अपडेट देखने और वैकल्पिक मार्ग अपनाने की सलाह दी गई है।
दिल्ली पुलिस ने बताया कि प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा एजेंसियां लगातार निगरानी रखेंगी। कई स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है, जबकि संवेदनशील इलाकों में बैरिकेडिंग, वाहनों की जांच और सुरक्षा जांच की व्यवस्था भी की गई है। अधिकारियों का कहना है कि इन उपायों का उद्देश्य कानून-व्यवस्था बनाए रखना और आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
यातायात विभाग ने कार्यालय जाने वाले कर्मचारियों, विद्यार्थियों, हवाई अड्डे और रेलवे स्टेशन जाने वाले यात्रियों को अतिरिक्त समय लेकर घर से निकलने की सलाह दी है। साथ ही मेट्रो सेवा का अधिक उपयोग करने और भीड़भाड़ वाले मार्गों से बचने की अपील की गई है। पुलिस ने कहा है कि यदि किसी मार्ग पर अधिक भीड़ होती है, तो तत्काल वैकल्पिक रूट लागू किए जा सकते हैं।
प्रदर्शन के दौरान किसान घाट में आयोजित महापंचायत में देशभर से आए किसान नेता प्रस्तावित भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के संभावित प्रभावों पर चर्चा करेंगे। किसान संगठनों का कहना है कि कृषि उत्पादों और डेयरी क्षेत्र को पर्याप्त संरक्षण दिए बिना किसी भी व्यापार समझौते को लागू नहीं किया जाना चाहिए। उनका दावा है कि यदि ऐसा हुआ तो भारतीय किसानों की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता प्रभावित हो सकती है।
दिल्ली प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और केवल आधिकारिक स्रोतों से जारी ट्रैफिक अपडेट पर भरोसा करने की अपील की है। ट्रैफिक पुलिस अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और आधिकारिक माध्यमों के जरिए लगातार यातायात की स्थिति की जानकारी साझा कर रही है, ताकि लोगों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
विशेषज्ञों का मानना है कि राजधानी में बड़े स्तर के सार्वजनिक कार्यक्रमों और प्रदर्शनों के दौरान यातायात प्रबंधन सबसे बड़ी चुनौती होती है। ऐसे में समय पर जारी की गई एडवाइजरी न केवल यात्रियों की सुविधा बढ़ाती है, बल्कि आपातकालीन सेवाओं और सार्वजनिक परिवहन के सुचारु संचालन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
फिलहाल राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह सतर्क है और प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। किसानों की महारैली और महापंचायत के दौरान ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए पुलिस, प्रशासन और अन्य संबंधित एजेंसियां समन्वय के साथ कार्य कर रही हैं। आम नागरिकों से सहयोग की अपील की गई है ताकि किसी भी प्रकार की अव्यवस्था से बचा जा सके।