QS Best Student Cities 2027: छात्रों के लिए दुनिया का सबसे किफायती शहर बना दिल्ली, भारत में मुंबई ने मारी बाजी

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नई दिल्ली। उच्च शिक्षा के लिए देश और विदेश में पढ़ाई की योजना बना रहे छात्रों के लिए QS Best Student Cities 2027 रैंकिंग राहत भरी खबर लेकर आई है। इस वर्ष की रैंकिंग में दिल्ली को दुनिया का सबसे किफायती (Most Affordable) छात्र शहर घोषित किया गया है। वहीं, मुंबई ने भारतीय शहरों में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए वैश्विक सूची में 91वां स्थान हासिल किया है। दिल्ली ने भी अपनी स्थिति में सुधार करते हुए 99वीं रैंक प्राप्त की है और पहली बार वैश्विक शीर्ष 100 छात्र शहरों में जगह बनाई है।

QS (Quacquarelli Symonds) की ओर से जारी इस प्रतिष्ठित रैंकिंग में दुनिया भर के शहरों का मूल्यांकन उच्च शिक्षा, छात्रों के रहने की लागत, रोजगार के अवसर, जीवन की गुणवत्ता, विश्वविद्यालयों की प्रतिष्ठा और अंतरराष्ट्रीय छात्र समुदाय जैसे कई महत्वपूर्ण मानकों के आधार पर किया जाता है। इस बार दिल्ली ने विशेष रूप से Affordability श्रेणी में दुनिया के सभी शहरों को पीछे छोड़ते हुए पहला स्थान प्राप्त किया।

रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली में अपेक्षाकृत कम ट्यूशन फीस, किफायती आवास, परिवहन और दैनिक जीवन का खर्च इसे छात्रों के लिए आकर्षक बनाता है। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि केवल कम लागत ही किसी शहर को आदर्श अध्ययन केंद्र नहीं बनाती। अंतरराष्ट्रीय छात्रों को आकर्षित करने, वैश्विक पहचान, सुरक्षा, शोध सुविधाओं और विश्वस्तरीय छात्र अनुभव जैसे क्षेत्रों में अभी भी सुधार की आवश्यकता है।

दूसरी ओर, मुंबई ने भारत के सबसे बेहतर छात्र शहर का दर्जा बरकरार रखा है। पिछले वर्ष की तुलना में मुंबई की रैंकिंग में सात स्थान का सुधार हुआ है और यह 98वें स्थान से 91वें स्थान पर पहुंच गई है। शहर को उच्च गुणवत्ता वाले शैक्षणिक संस्थानों, बेहतर रोजगार अवसरों, उद्योगों से मजबूत जुड़ाव और बहुसांस्कृतिक वातावरण का लाभ मिला है। हालांकि, मुंबई में रहने की लागत अपेक्षाकृत अधिक होने के कारण वह Affordability श्रेणी में दिल्ली से पीछे रही।

भारत के अन्य शहरों में चेन्नई और बेंगलुरु भी इस वैश्विक सूची में शामिल हुए हैं। दोनों शहरों को तकनीकी शिक्षा, अनुसंधान, स्टार्टअप संस्कृति और रोजगार की संभावनाओं के लिए बेहतर अंक मिले हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि भारतीय शहरों की बढ़ती उपस्थिति यह संकेत देती है कि देश धीरे-धीरे वैश्विक शिक्षा केंद्र के रूप में अपनी पहचान मजबूत कर रहा है।

वैश्विक स्तर पर देखें तो सियोल लगातार दूसरे वर्ष दुनिया का सर्वश्रेष्ठ छात्र शहर बना हुआ है। इसके बाद टोक्यो दूसरे और लंदन तीसरे स्थान पर हैं। शीर्ष 10 में मेलबर्न, म्यूनिख और सिडनी जैसे शहर भी शामिल हैं, जो वर्षों से अंतरराष्ट्रीय छात्रों की पसंद बने हुए हैं।

QS Best Student Cities रैंकिंग का उद्देश्य केवल विश्वविद्यालयों की गुणवत्ता का आकलन करना नहीं है, बल्कि यह भी देखना है कि कोई शहर छात्रों के लिए कितना अनुकूल है। इसमें शहर की शैक्षणिक प्रतिष्ठा, वहां स्थित विश्वविद्यालयों का प्रदर्शन, रोजगार के अवसर, छात्र समुदाय की विविधता, जीवन-यापन का खर्च और छात्रों के अनुभव जैसे पहलुओं को शामिल किया जाता है। यही कारण है कि यह रैंकिंग दुनिया भर के लाखों छात्रों के लिए उच्च शिक्षा की योजना बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि दिल्ली का दुनिया का सबसे किफायती छात्र शहर बनना भारतीय उच्च शिक्षा क्षेत्र के लिए सकारात्मक संकेत है। इससे न केवल देश के छात्रों को लाभ मिलेगा, बल्कि अंतरराष्ट्रीय विद्यार्थियों के लिए भी भारत एक आकर्षक विकल्प बन सकता है। हालांकि, वैश्विक प्रतिस्पर्धा में और आगे बढ़ने के लिए भारतीय शहरों को अनुसंधान, नवाचार, छात्र सुविधाओं, सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय सहयोग जैसे क्षेत्रों में निरंतर सुधार करना होगा।

QS Best Student Cities 2027 की ताजा रैंकिंग यह दर्शाती है कि भारत के शहर वैश्विक शिक्षा मानचित्र पर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा रहे हैं। जहां दिल्ली ने कम लागत के मामले में दुनिया में पहला स्थान हासिल किया है, वहीं मुंबई ने समग्र प्रदर्शन के आधार पर भारत के सर्वश्रेष्ठ छात्र शहर का दर्जा बनाए रखा है। आने वाले वर्षों में यदि बुनियादी ढांचे और अंतरराष्ट्रीय शिक्षा सुविधाओं में और निवेश किया जाता है, तो भारतीय शहर वैश्विक रैंकिंग में और बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं।

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