
पटना। बिहार की राजधानी पटना में बुधवार को उस समय राजनीतिक तनाव हिंसक झड़प में बदल गया, जब भारतीय जनता पार्टी (BJP) के कार्यकर्ता कांग्रेस मुख्यालय सदाकत आश्रम का घेराव करने पहुंचे। विरोध प्रदर्शन के दौरान भाजपा और कांग्रेस कार्यकर्ता आमने-सामने आ गए। देखते ही देखते दोनों पक्षों के बीच नारेबाजी, धक्का-मुक्की, लाठी-डंडों से मारपीट और पत्थरबाजी शुरू हो गई। स्थिति बिगड़ने पर पुलिस को मौके पर अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात करना पड़ा।
यह प्रदर्शन कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी द्वारा एक दिन पहले किए गए विरोध प्रदर्शन के खिलाफ भाजपा के देशव्यापी अभियान का हिस्सा था। भाजपा का आरोप है कि प्रधानमंत्री आवास के बाहर कांग्रेस का प्रदर्शन सुरक्षा व्यवस्था के लिए चुनौती था और इसे लेकर पार्टी ने देशभर में विरोध प्रदर्शन आयोजित करने का निर्णय लिया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, भाजपा कार्यकर्ता जैसे ही सदाकत आश्रम स्थित कांग्रेस कार्यालय के बाहर पहुंचे, वहां पहले से मौजूद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उनका विरोध किया। दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस कुछ ही देर में हिंसक रूप ले गई। आरोप है कि दोनों ओर से पत्थर फेंके गए और लाठियां चलीं, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। झड़प के कारण कुछ समय के लिए आसपास का यातायात भी प्रभावित हुआ।
हालात बिगड़ते देख पुलिस ने तत्काल हस्तक्षेप किया। बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों को मौके पर बुलाया गया और दोनों पक्षों को अलग करने का प्रयास किया गया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने हल्का बल प्रयोग भी किया। शुरुआती जानकारी के अनुसार, इस घटना में दोनों पक्षों के कई कार्यकर्ता तथा कुछ पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। घायलों को प्राथमिक उपचार के लिए नजदीकी अस्पताल भेजा गया।
पुलिस अधिकारियों ने घटनास्थल की घेराबंदी कर हालात पर नियंत्रण स्थापित किया और आसपास के क्षेत्र में सुरक्षा बढ़ा दी। पूरे घटनाक्रम की वीडियो फुटेज और अन्य साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि हिंसा में शामिल लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
इस घटना की पृष्ठभूमि में मंगलवार को दिल्ली में राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और कांग्रेस के अन्य नेताओं द्वारा प्रधानमंत्री आवास के बाहर किया गया प्रदर्शन है। कांग्रेस ने यह विरोध छात्रों से जुड़े मुद्दों और कथित पुलिस कार्रवाई के खिलाफ आयोजित किया था। इसके बाद भाजपा ने कांग्रेस के खिलाफ राष्ट्रव्यापी विरोध प्रदर्शन का ऐलान किया, जिसके तहत पटना सहित कई शहरों में प्रदर्शन किए गए।
घटना के बाद दोनों दलों ने एक-दूसरे पर हिंसा भड़काने का आरोप लगाया। भाजपा नेताओं का कहना है कि उनके शांतिपूर्ण प्रदर्शन पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने हमला किया, जबकि कांग्रेस ने आरोप लगाया कि भाजपा कार्यकर्ता जानबूझकर टकराव की नीयत से पार्टी कार्यालय पहुंचे थे। पुलिस ने फिलहाल किसी भी दावे की पुष्टि नहीं की है और कहा है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि हाल के दिनों में राष्ट्रीय स्तर पर जारी राजनीतिक टकराव का असर अब राज्यों में भी दिखाई देने लगा है। बिहार में हुई यह घटना उसी बढ़ते राजनीतिक तनाव की एक कड़ी मानी जा रही है। प्रशासन ने लोगों से अफवाहों से बचने और केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करने की अपील की है। पुलिस का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त बल की तैनाती जारी रहेगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।