जालना में कथित गोमांस मिलने के बाद बवाल, बजरंग दल के प्रदर्शन के बीच मटन मार्केट पर चला बुलडोजर

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जालना। महाराष्ट्र के जालना जिले में कथित तौर पर गोमांस मिलने की सूचना के बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया। इस घटना के विरोध में बजरंग दल और अन्य हिंदू संगठनों ने प्रदर्शन करते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। प्रदर्शन के बाद स्थानीय प्रशासन और नगर परिषद की टीम ने कथित अवैध निर्माण और अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई करते हुए मटन मार्केट के एक हिस्से पर बुलडोजर चलाया। प्रशासन का कहना है कि यह कार्रवाई नियमों के तहत की गई है, जबकि प्रदर्शनकारियों ने इसे अपनी मांगों के बाद उठाया गया कदम बताया।

जानकारी के अनुसार, विवाद उस समय शुरू हुआ जब पुलिस और संबंधित विभागों को एक स्थान पर कथित तौर पर गोमांस रखे होने की सूचना मिली। इसके बाद अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर संदिग्ध मांस को कब्जे में लिया और जांच के लिए प्रयोगशाला भेज दिया। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जब तक फोरेंसिक रिपोर्ट नहीं आ जाती, तब तक यह पुष्टि नहीं की जा सकती कि बरामद मांस वास्तव में गोमांस है या नहीं। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

घटना की जानकारी फैलते ही बजरंग दल और अन्य संगठनों के कार्यकर्ता बड़ी संख्या में मौके पर पहुंचे और प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि क्षेत्र में अवैध रूप से गोमांस का कारोबार किया जा रहा है और प्रशासन को इस पर तत्काल सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने संबंधित लोगों की गिरफ्तारी और अवैध मांस कारोबार पर स्थायी रोक लगाने की भी मांग की।

स्थिति को देखते हुए इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे। अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से शांति बनाए रखने की अपील की और भरोसा दिलाया कि जांच निष्पक्ष तरीके से की जाएगी। पुलिस ने कहा कि किसी भी व्यक्ति को कानून अपने हाथ में लेने की अनुमति नहीं दी जाएगी और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई होगी।

इसी दौरान नगर परिषद और प्रशासन की संयुक्त टीम मटन मार्केट पहुंची और कथित अवैध निर्माणों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की। जेसीबी मशीनों की मदद से बाजार के कुछ हिस्सों को हटाया गया। प्रशासन का कहना है कि यह कार्रवाई पहले से चिन्हित अतिक्रमण और अवैध निर्माण के विरुद्ध की गई है तथा इसका उद्देश्य नगर नियोजन नियमों का पालन सुनिश्चित करना है। अधिकारियों ने यह भी कहा कि कार्रवाई पूरी तरह प्रशासनिक प्रक्रिया के तहत की गई है और इसे केवल हालिया विरोध प्रदर्शन से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए।

दूसरी ओर, प्रदर्शनकारी संगठनों का कहना है कि उनकी मांगों के बाद प्रशासन हरकत में आया और अवैध गतिविधियों के खिलाफ कार्रवाई की गई। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जांच में गोमांस मिलने की पुष्टि होती है और दोषियों पर कठोर कार्रवाई नहीं की जाती, तो वे आगे भी आंदोलन जारी रखेंगे।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि पूरे मामले की जांच कई स्तरों पर की जा रही है। बरामद मांस के नमूनों की वैज्ञानिक जांच कराई जा रही है, संबंधित लोगों से पूछताछ की जा रही है और इलाके के सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं। यदि जांच में किसी कानून का उल्लंघन सामने आता है, तो संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ महाराष्ट्र पशु संरक्षण कानून तथा अन्य लागू प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी।

गौरतलब है कि महाराष्ट्र में गोवंश संरक्षण से जुड़े मामलों को लेकर पहले भी कई बार विवाद और प्रदर्शन सामने आते रहे हैं। ऐसे मामलों में प्रशासन आमतौर पर फोरेंसिक जांच रिपोर्ट आने के बाद ही अंतिम निष्कर्ष पर पहुंचता है। फिलहाल जालना में स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है, लेकिन पुलिस और प्रशासन एहतियात के तौर पर पूरे क्षेत्र पर नजर बनाए हुए हैं।

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