शिवरात्रि से पहले हरिद्वार में डाक कांवड़ियों का सैलाब, शंकराचार्य चौक पर थमा ट्रैफिक; सड़कों पर उमड़ा आस्था का जनसैलाब

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हरिद्वार। सावन शिवरात्रि से पहले धर्मनगरी हरिद्वार में डाक कांवड़ियों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी है। गंगा जल लेकर अपने गंतव्य की ओर तेजी से लौट रहे कांवड़ियों की संख्या बढ़ने से शहर के प्रमुख मार्गों पर यातायात व्यवस्था पर दबाव बढ़ गया है। शंकराचार्य चौक समेत कई इलाकों में वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई, जबकि सड़कों पर बड़ी संख्या में कांवड़िए और उनके वाहन नजर आए। प्रशासन और पुलिस भीड़ और ट्रैफिक को नियंत्रित करने में जुटे हुए हैं।

सावन कांवड़ मेले का अंतिम चरण शुरू होते ही हरिद्वार में डाक कांवड़ियों की संख्या तेजी से बढ़ी है। डाक कांवड़ में शामिल श्रद्धालु आम कांवड़ यात्रा की तुलना में तेजी से अपने गंतव्य तक पहुंचने का प्रयास करते हैं। शिवरात्रि के निर्धारित समय से पहले गंगाजल पहुंचाकर भगवान शिव का जलाभिषेक करने की परंपरा के चलते अंतिम दिनों में हरिद्वार से बड़ी संख्या में कांवड़िए रवाना होते हैं।

शंकराचार्य चौक पर संभालना मुश्किल हुआ ट्रैफिक

डाक कांवड़ियों की भीड़ का सबसे ज्यादा असर शहर के प्रमुख यातायात मार्गों पर दिखाई दे रहा है। शंकराचार्य चौक के आसपास बड़ी संख्या में कांवड़िए और वाहन पहुंचने से ट्रैफिक का दबाव बढ़ गया। कई जगहों पर वाहनों की रफ्तार धीमी हो गई और यातायात को नियंत्रित करने के लिए पुलिसकर्मियों को अतिरिक्त मशक्कत करनी पड़ी।

हरिद्वार में कांवड़ मेले के दौरान पहले से ही प्रमुख मार्गों पर यातायात प्रबंधन के लिए विशेष व्यवस्था की जाती है। इस बार भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने को देखते हुए पुलिस और प्रशासन ने कई स्थानों पर ट्रैफिक डायवर्जन लागू किया है। वाहनों को भीड़ वाले मार्गों से हटाकर वैकल्पिक रास्तों से भेजने की कोशिश की जा रही है।

लाखों शिवभक्तों की आवाजाही

सावन के दौरान हरिद्वार में देश के अलग-अलग हिस्सों से श्रद्धालु गंगाजल लेने पहुंचते हैं। इस साल भी कांवड़ यात्रा में बड़ी संख्या में शिवभक्त शामिल हुए हैं। प्रशासन की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक करोड़ों श्रद्धालु अब तक हरिद्वार और उत्तराखंड के विभिन्न मार्गों से कांवड़ यात्रा पूरी कर चुके हैं। 6 अगस्त की शाम तक ही 2 करोड़ से ज्यादा कांवड़ यात्री यात्रा पूरी कर चुके थे।

जैसे-जैसे शिवरात्रि नजदीक आ रही है, डाक कांवड़ियों की आवाजाही और तेज हो गई है। बड़ी संख्या में श्रद्धालु बाइक, कार और अन्य वाहनों के जरिए भी गंगाजल लेकर अपने गंतव्य की ओर रवाना हो रहे हैं। इसके चलते हरिद्वार के साथ-साथ आसपास के हाईवे और संपर्क मार्गों पर भी यातायात का दबाव बढ़ रहा है।

सुरक्षा के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात

भीड़ को देखते हुए पुलिस ने प्रमुख चौराहों और कांवड़ मार्गों पर अतिरिक्त बल तैनात किया है। पुलिसकर्मी लगातार यातायात को नियंत्रित करने के साथ कांवड़ियों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने में लगे हैं। प्रमुख घाटों और रास्तों पर निगरानी के लिए CCTV कैमरों का इस्तेमाल भी किया जा रहा है।

प्रशासन की प्राथमिकता यह है कि श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी न हो और भीड़ के बीच दुर्घटना या अव्यवस्था की स्थिति पैदा न हो। इसी वजह से ट्रैफिक को जरूरत के मुताबिक डायवर्ट किया जा रहा है और संवेदनशील स्थानों पर पुलिस की मौजूदगी बढ़ाई गई है।

शिवरात्रि पर होगा जलाभिषेक

डाक कांवड़ियों का मुख्य उद्देश्य निर्धारित समय से पहले अपने गंतव्य तक पहुंचकर भगवान शिव का जलाभिषेक करना है। इस वजह से यात्रा के अंतिम चरण में उनकी रफ्तार और संख्या दोनों बढ़ जाती हैं। इस वर्ष सावन शिवरात्रि 11 अगस्त को पड़ रही है और इससे पहले हरिद्वार में कांवड़ियों की भीड़ लगातार बढ़ रही है।

हरिद्वार में गंगा जल लेने के बाद कांवड़िए उत्तर प्रदेश, हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान और अन्य राज्यों की ओर रवाना होते हैं। कई श्रद्धालु पैदल यात्रा करते हैं, जबकि डाक कांवड़ में वाहन आधारित तेज यात्रा भी देखने को मिलती है।

प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती

हरिद्वार में कांवड़ यात्रा के अंतिम दिनों में सबसे बड़ी चुनौती भीड़ प्रबंधन और यातायात व्यवस्था को बनाए रखना है। एक तरफ बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की आस्था और यात्रा को सुचारू रखना जरूरी है, तो दूसरी तरफ स्थानीय लोगों और दूसरे यात्रियों के लिए यातायात व्यवस्था बनाए रखना भी प्रशासन की जिम्मेदारी है।

पुलिस और प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे निर्धारित कांवड़ मार्गों का इस्तेमाल करें, यातायात नियमों का पालन करें और भीड़ वाले इलाकों में धैर्य बनाए रखें। भारी भीड़ के कारण वाहन चालकों को भी वैकल्पिक मार्गों और ट्रैफिक एडवाइजरी का पालन करने की सलाह दी जा रही है।

फिलहाल हरिद्वार में डाक कांवड़ियों का सैलाब देखने को मिल रहा है। शंकराचार्य चौक समेत शहर के कई हिस्सों में बढ़े ट्रैफिक दबाव ने प्रशासन की चुनौती बढ़ा दी है। हालांकि पुलिस और प्रशासन लगातार व्यवस्था संभालने में जुटे हैं। शिवरात्रि तक श्रद्धालुओं की आवाजाही और बढ़ने की संभावना के बीच आने वाले दो दिन हरिद्वार के लिए सबसे महत्वपूर्ण रहने वाले हैं।

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