
रायगढ़। छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) की सब-इंस्पेक्टर (SI) प्रारंभिक परीक्षा के परिणाम में रायगढ़ जिले के न्यूज कुमार प्रधान का नाम सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर उनकी खूब चर्चा हो रही है। वजह उनकी सफलता से ज्यादा उनका अनोखा नाम है। परिणाम सूची में “News” नाम देखकर कई लोगों ने इसे टाइपिंग गलती या फर्जी एंट्री समझ लिया, जिसके बाद सोशल मीडिया पर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं आने लगीं। हालांकि, खुद न्यूज कुमार प्रधान और CGPSC दोनों ने स्पष्ट किया है कि यह उनका वास्तविक नाम है और सभी आधिकारिक दस्तावेजों में दर्ज है।
न्यूज कुमार प्रधान रायगढ़ जिले के भाटनपाली गांव के रहने वाले हैं। सोशल मीडिया पर विवाद बढ़ने के बाद उन्होंने एक वीडियो जारी कर बताया कि उनका पूरा नाम न्यूज कुमार प्रधान है और यही नाम उनके शैक्षणिक प्रमाणपत्रों तथा अन्य दस्तावेजों में दर्ज है। उन्होंने कहा कि बिना तथ्य जाने उनके नाम को लेकर भ्रम फैलाया जा रहा है, जबकि उन्होंने वर्षों की मेहनत के बाद यह सफलता हासिल की है।
उन्होंने बताया कि उनके दसवीं और बारहवीं के अंकपत्र तथा आधार कार्ड में उनका नाम “News” के रूप में दर्ज है। कुछ दस्तावेजों में उपनाम (सरनेम) नहीं जुड़ा होने के कारण लोगों को भ्रम हुआ, लेकिन उनका नाम पूरी तरह वैध और आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुरूप है। उन्होंने लोगों से अपील की कि केवल नाम अलग होने की वजह से उनकी उपलब्धि पर सवाल न उठाए जाएं।
दरअसल, CGPSC ने 4 अगस्त को सबेदार, सब-इंस्पेक्टर और प्लाटून कमांडर के 341 पदों के लिए आयोजित प्रारंभिक परीक्षा का परिणाम जारी किया था। इस परीक्षा में 7,301 अभ्यर्थियों को मुख्य परीक्षा के लिए सफल घोषित किया गया। परिणाम जारी होने के बाद सूची में ‘News’, ‘He Ram’, ‘Bhakt Prahlad’, ‘Space Rani’ और ‘Tufail’ जैसे कुछ अलग-अलग नाम सोशल मीडिया पर वायरल हो गए। इसके बाद कुछ लोगों और राजनीतिक दलों ने चयन प्रक्रिया पर सवाल उठाने शुरू कर दिए।
विवाद बढ़ने पर छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) ने आधिकारिक स्पष्टीकरण जारी करते हुए कहा कि परिणाम सूची में प्रकाशित सभी नाम वही हैं, जो अभ्यर्थियों ने अपने ऑनलाइन आवेदन पत्र में दर्ज किए थे। आयोग ने स्पष्ट किया कि दस्तावेज सत्यापन, शारीरिक परीक्षा और प्रारंभिक परीक्षा के दौरान भी इन्हीं नामों का उपयोग किया गया था तथा प्रवेश पत्र (Admit Card) पर भी यही नाम अंकित थे। आयोग ने सोशल मीडिया पर फैलाए जा रहे दावों को भ्रामक और निराधार बताया।
न्यूज कुमार प्रधान की सफलता अब केवल उनके अनोखे नाम की वजह से नहीं, बल्कि उनकी मेहनत और संघर्ष की कहानी के कारण भी चर्चा में है। उन्होंने कहा कि प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी में उन्होंने कई वर्षों तक लगातार मेहनत की और अब मुख्य परीक्षा की तैयारी में जुट गए हैं। उनका कहना है कि लोगों को किसी उम्मीदवार का मूल्यांकन उसके नाम से नहीं, बल्कि उसकी योग्यता और परिश्रम से करना चाहिए।
इस पूरे घटनाक्रम ने सोशल मीडिया पर एक नई बहस छेड़ दी है। जहां कुछ लोगों ने असामान्य नामों का मजाक उड़ाया, वहीं बड़ी संख्या में लोगों ने न्यूज कुमार प्रधान और अन्य अभ्यर्थियों का समर्थन करते हुए कहा कि किसी व्यक्ति का नाम उसकी क्षमता का पैमाना नहीं हो सकता। प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता कड़ी मेहनत, अनुशासन और प्रतिभा से मिलती है, न कि नाम से। इसी संदेश के साथ न्यूज कुमार प्रधान की कहानी अब हजारों प्रतियोगी छात्रों के लिए प्रेरणा बनकर सामने आई है।