दिल्ली ब्लास्ट जांच से जुड़ा बड़ा खुलासा, फरीदाबाद की दो केमिकल दुकानों पर प्रशासन की ताला-बंदी

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दिल्ली में हुए हालिया ब्लास्ट के बाद जांच की आंच अब राष्ट्रीय राजधानी से निकलकर हरियाणा के फरीदाबाद तक पहुंच चुकी है। जांच एजेंसियों से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी के आधार पर फरीदाबाद नगर निगम और प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो केमिकल दुकानों को सील कर दिया है। इन दुकानों पर न केवल अवैध रसायनों के भंडारण का खुलासा हुआ, बल्कि लाइसेंस से जुड़े गंभीर उल्लंघन भी सामने आए हैं।

इस कार्रवाई के बाद स्थानीय प्रशासन के साथ-साथ सुरक्षा एजेंसियां भी पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गई हैं।


🔹 दिल्ली ब्लास्ट की जांच ने खोली परतें

दिल्ली में हुए ब्लास्ट ने पूरे देश की सुरक्षा व्यवस्था को झकझोर कर रख दिया था। जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ी, वैसे-वैसे यह सामने आने लगा कि इसमें इस्तेमाल किए गए विस्फोटक रसायन कहीं न कहीं बाहर से जुटाए गए थे। जांच एजेंसियों को मिले इनपुट के बाद यह शक गहराया कि फरीदाबाद स्थित कुछ केमिकल दुकानें इस नेटवर्क से जुड़ी हो सकती हैं

इसी आधार पर नगर निगम और सुरक्षा एजेंसियों की टीम ने संयुक्त रूप से छापेमारी की।


🔹 दो दुकानों पर एक साथ कार्रवाई

फरीदाबाद के औद्योगिक इलाके में स्थित दो केमिकल दुकानों पर जब प्रशासन पहुंचा, तो वहां निरीक्षण के दौरान कई चौंकाने वाली बातें सामने आईं।
जांच में पाया गया कि:

  • दुकानों में खतरनाक और नियंत्रित रसायनों का भंडारण किया जा रहा था

  • कई केमिकल ऐसे थे जिनकी बिक्री के लिए विशेष अनुमति आवश्यक होती है

  • दुकानों के पास वैध लाइसेंस या तो था ही नहीं या फिर नियमों के मुताबिक अपडेट नहीं था

  • सुरक्षा मानकों की खुलेआम अनदेखी की जा रही थी

इन गंभीर उल्लंघनों को देखते हुए प्रशासन ने दोनों दुकानों को तुरंत सील कर दिया।


🔹 अवैध रसायनों का जखीरा बरामद

कार्रवाई के दौरान दुकानों से बड़ी मात्रा में ऐसे केमिकल बरामद हुए जिनका उपयोग औद्योगिक विस्फोटक तैयार करने में किया जा सकता है।
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, इन रसायनों का भंडारण:

  • बिना किसी सुरक्षा व्यवस्था के

  • रिहायशी इलाकों के बेहद पास

  • आग और विस्फोट के मानकों के खिलाफ

किया जा रहा था, जो किसी भी समय बड़े हादसे को जन्म दे सकता था।


🔹 लाइसेंस उल्लंघन का गंभीर मामला

जांच में यह भी सामने आया कि दुकानदारों ने अपने लाइसेंस की शर्तों का साफ तौर पर उल्लंघन किया था। कई मामलों में:

  • जिस केमिकल की अनुमति थी, उससे कहीं अधिक खतरनाक रसायन रखे गए

  • बिक्री और खरीद का कोई विधिवत रिकॉर्ड मौजूद नहीं था

  • सुरक्षा ऑडिट और निरीक्षण से बचने के लिए फर्जी दस्तावेजों का सहारा लिया गया

यह सब दर्शाता है कि यह केवल लापरवाही नहीं, बल्कि सुनियोजित अवैध गतिविधि का मामला हो सकता है।


🔹 दिल्ली ब्लास्ट से कनेक्शन पर गहराती जांच

सबसे गंभीर पहलू यह है कि इन दुकानों का कथित रूप से दिल्ली ब्लास्ट के आरोपियों से संपर्क सामने आया है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि:

  • इन दुकानों से किसे-किसे रसायन सप्लाई किए गए

  • क्या इनसे खरीदे गए केमिकल का इस्तेमाल सीधे ब्लास्ट में हुआ

  • इस पूरे नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं

इसी वजह से इस मामले को अब सिर्फ नगर निगम की कार्रवाई नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मुद्दा माना जा रहा है।


🔹 नगर निगम और प्रशासन की सख्ती

फरीदाबाद नगर निगम ने साफ कर दिया है कि शहर में बिना नियमों के चल रही किसी भी केमिकल यूनिट को बख्शा नहीं जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि:

  • अब शहर की सभी केमिकल दुकानों का दोबारा निरीक्षण किया जाएगा

  • जिनके लाइसेंस में गड़बड़ी पाई जाएगी, उन पर भी सख्त कार्रवाई होगी

  • अवैध केमिकल भंडारण को पूरी तरह खत्म किया जाएगा

प्रशासन का दावा है कि यह कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।


🔹 स्थानीय लोगों में डर और आक्रोश

इस पूरे मामले के सामने आने के बाद स्थानीय लोगों में भय और गुस्सा दोनों देखने को मिल रहा है। लोगों का कहना है कि:

  • रिहायशी इलाकों के बीच खतरनाक रसायनों का भंडारण किया जा रहा था

  • किसी बड़े विस्फोट की स्थिति में सैकड़ों लोगों की जान जोखिम में पड़ सकती थी

  • प्रशासन ने पहले कभी इतनी सख्ती क्यों नहीं दिखाई

स्थानीय लोगों ने मांग की है कि दोषियों के खिलाफ केवल दुकान सील ही नहीं, बल्कि आपराधिक कार्रवाई भी होनी चाहिए।


🔹 सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क

दिल्ली ब्लास्ट के बाद पूरे एनसीआर क्षेत्र में सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं। इस कार्रवाई के बाद:

  • केमिकल सप्लाई चेन की गहराई से जांच शुरू हो गई है

  • औद्योगिक क्षेत्रों में विशेष निगरानी बढ़ा दी गई है

  • संदिग्ध दुकानों और गोदामों की लिस्ट तैयार की जा रही है

इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि भविष्य में किसी भी तरह की आतंकी या आपराधिक गतिविधियों के लिए सामग्री की सप्लाई न हो सके।


🔹 कानूनी कार्रवाई की तैयारी

सील की गई दोनों दुकानों के मालिकों से पूछताछ की जा रही है। उनके खिलाफ:

  • विस्फोटक सामग्री कानून

  • नगर निगम अधिनियम

  • और अन्य आपराधिक धाराओं के तहत केस दर्ज किए जाने की संभावना है

सूत्रों के अनुसार, जांच में दोष साबित होने पर उन्हें लंबी सजा भी हो सकती है।


🔹 यह सिर्फ शुरुआत है

प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि यह कार्रवाई सिर्फ एक शुरुआत है। आने वाले दिनों में:

  • और भी केमिकल दुकानों पर छापेमारी हो सकती है

  • अवैध गोदामों का पर्दाफाश हो सकता है

  • पूरे एनसीआर में केमिकल व्यापार की व्यापक सफाई अभियान चलाया जा सकता है


निष्कर्ष

दिल्ली ब्लास्ट की जांच ने फरीदाबाद में अवैध केमिकल कारोबार के एक खतरनाक चेहरे को उजागर कर दिया है। दो दुकानों का सील होना इस बात का संकेत है कि अब प्रशासन किसी भी तरह की ढिलाई बरतने के मूड में नहीं है।
अवैध रसायनों का भंडारण, लाइसेंस उल्लंघन और संदिग्ध संपर्क — ये सभी पहलू इस मामले को बेहद गंभीर बनाते हैं। अब सबकी निगाहें जांच एजेंसियों की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं, जिससे यह साफ हो सके कि इस नेटवर्क के पीछे असली मास्टरमाइंड कौन है।

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