
उत्तर प्रदेश के हरदोई से इंसानियत और हिम्मत की एक मार्मिक कहानी सामने आई है। महज 5 साल की बच्ची ने अपनी मां को पिटते देखा तो घबराने के बजाय साहस दिखाया और करीब 200 मीटर दौड़कर सीधे पुलिस थाने पहुंच गई। उसकी पुकार पर पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपियों को मौके से पकड़ लिया।
क्या हुआ था?
जानकारी के अनुसार, कुछ लोग महिला के साथ मारपीट कर रहे थे। घर में मौजूद छोटी बच्ची ने जब अपनी मां को संकट में देखा तो वह रोती-बिलखती थाने की ओर दौड़ी।
थाने पहुंचकर उसने पुलिसकर्मियों से कहा—“मेरी मां को पीट रहे हैं…”। मासूम की घबराई आवाज सुनकर पुलिसकर्मी तुरंत सक्रिय हो गए।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई
बच्ची के बताए स्थान पर पुलिस टीम तुरंत पहुंची।
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मौके से हमलावरों को हिरासत में लिया गया
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घायल महिला को चिकित्सीय सहायता दिलाई गई
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संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया गया
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि समय पर सूचना मिलने से बड़ी अनहोनी टल गई।
बच्ची की बहादुरी की चर्चा
इस घटना के बाद पूरे इलाके में बच्ची की हिम्मत की सराहना हो रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इतनी कम उम्र में ऐसा साहस दिखाना असाधारण है।
पुलिस ने भी बच्ची की सूझबूझ और बहादुरी की तारीफ की।
समाज के लिए संदेश
यह घटना दिखाती है कि संकट की घड़ी में तुरंत कदम उठाना कितना महत्वपूर्ण होता है। घरेलू हिंसा या मारपीट जैसी घटनाओं में पड़ोसियों और परिजनों को भी सतर्क रहने की जरूरत है।
निष्कर्ष
हरदोई में एक 5 साल की बच्ची की बहादुरी ने अपनी मां की जान बचाने में अहम भूमिका निभाई। उसकी सतर्कता और साहस के कारण पुलिस समय पर पहुंची और आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
यह कहानी न केवल संवेदनशील है, बल्कि यह भी सिखाती है कि साहस उम्र का मोहताज नहीं होता।