
भारत और अफगानिस्तान के बीच धर्मशाला के हिमाचल प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन (HPCA) स्टेडियम में खेले जाने वाले पहले वनडे मुकाबले से पहले मौसम ने खिलाड़ियों और फैंस दोनों की चिंता बढ़ा दी है। पहाड़ों के बीच स्थित यह खूबसूरत मैदान अपनी शानदार प्राकृतिक सुंदरता के लिए जितना प्रसिद्ध है, उतना ही यहां बदलते मौसम के लिए भी जाना जाता है। मैच से पहले मौसम विभाग की रिपोर्ट और स्थानीय पूर्वानुमानों ने संकेत दिए हैं कि मुकाबले के दौरान बारिश की संभावना बनी रह सकती है। ऐसे में क्रिकेट प्रेमियों के मन में सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या पूरा मैच खेला जा सकेगा या फिर बारिश खेल का मजा किरकिरा कर देगी।
भारत और अफगानिस्तान के बीच यह सीरीज दोनों टीमों के लिए काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। एक तरफ भारतीय टीम घरेलू परिस्थितियों का फायदा उठाकर जीत के साथ शुरुआत करना चाहेगी, वहीं दूसरी ओर अफगानिस्तान की टीम भी हाल के वर्षों में अपने प्रदर्शन से दुनिया को प्रभावित कर चुकी है और किसी भी बड़ी टीम को चुनौती देने की क्षमता रखती है। ऐसे में फैंस को एक रोमांचक मुकाबले की उम्मीद थी, लेकिन मौसम की अनिश्चितता ने मुकाबले पर सवालिया निशान लगा दिया है।
धर्मशाला का मौसम अक्सर कुछ ही घंटों में बदल जाता है। सुबह धूप खिली रहने के बाद दोपहर या शाम को अचानक बादल घिरना और बारिश शुरू हो जाना यहां आम बात है। यही वजह है कि इस मैदान पर होने वाले कई मुकाबलों में पहले भी मौसम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार मैच के दिन बादल छाए रहने की संभावना है और कुछ समय के लिए हल्की से मध्यम बारिश भी हो सकती है। यदि बारिश रुक-रुक कर होती है तो मुकाबले को डकवर्थ-लुईस-स्टर्न (DLS) नियम के तहत संचालित किया जा सकता है।
क्रिकेट के नियमों के अनुसार किसी वनडे मुकाबले का परिणाम निकालने के लिए दोनों टीमों को कम से कम 20-20 ओवर खेलने का मौका मिलना जरूरी होता है। यदि बारिश या किसी अन्य कारण से खेल लगातार बाधित होता है तो ओवरों की संख्या कम की जा सकती है। हालांकि एक सीमा के बाद मैच को रद्द घोषित करना पड़ सकता है। यही कारण है कि मैच अधिकारियों और आयोजकों की नजर लगातार मौसम की गतिविधियों पर बनी हुई है।
20-20 ओवर के मुकाबले के लिए एक निर्धारित कट-ऑफ समय होता है। यदि उस समय तक मैदान खेलने योग्य स्थिति में नहीं आ पाता या पर्याप्त ओवर कराना संभव नहीं रहता, तो मैच का परिणाम निकालना मुश्किल हो जाता है। आमतौर पर यह कट-ऑफ समय मैच शुरू होने के निर्धारित समय, प्रकाश व्यवस्था और उपलब्ध समय के आधार पर तय किया जाता है। ऐसे में यदि बारिश लंबे समय तक जारी रहती है तो फैंस को पूरे 50 ओवर के बजाय छोटा मुकाबला देखने को मिल सकता है।
भारतीय टीम के लिए यह मुकाबला कई मायनों में अहम है। टीम प्रबंधन आगामी बड़े टूर्नामेंटों को ध्यान में रखते हुए अपनी रणनीतियों को परखना चाहता है। बल्लेबाजी क्रम, गेंदबाजी संयोजन और ऑलराउंडरों की भूमिका पर भी सभी की नजरें रहेंगी। यदि मैच बारिश के कारण छोटा हो जाता है तो टीमों को अपनी रणनीति पूरी तरह बदलनी पड़ सकती है। टी-20 जैसे अंदाज में खेलना पड़ सकता है, जहां शुरुआत से ही आक्रामक बल्लेबाजी और विकेट लेने की कोशिश प्रमुख होगी।
अफगानिस्तान की टीम भी सीमित ओवरों के क्रिकेट में काफी मजबूत मानी जाती है। उनकी स्पिन गेंदबाजी दुनिया की कई बड़ी टीमों को परेशान कर चुकी है। यदि मैच ओवरों में कटौती के साथ खेला जाता है तो अफगानिस्तान को भी फायदा मिल सकता है क्योंकि छोटे मुकाबलों में किसी भी टीम के लिए उलटफेर की संभावना बढ़ जाती है। यही वजह है कि भारतीय टीम इस चुनौती को हल्के में नहीं लेना चाहेगी।
धर्मशाला का मैदान तेज गेंदबाजों के लिए भी मददगार माना जाता है। यहां की पिच और मौसम की परिस्थितियां स्विंग गेंदबाजी को बढ़ावा देती हैं। यदि मैच के दौरान बादल छाए रहते हैं तो गेंदबाजों को अतिरिक्त सहायता मिल सकती है। ऐसे में बल्लेबाजों को शुरुआत में सावधानी बरतनी होगी। दूसरी ओर यदि बारिश के बाद मैदान पर नमी बनी रहती है तो गेंदबाजों को और अधिक मदद मिल सकती है।
फैंस के लिए अच्छी खबर यह है कि धर्मशाला स्टेडियम में आधुनिक ड्रेनेज सिस्टम मौजूद है। बारिश रुकने के बाद मैदान को जल्द खेलने योग्य बनाया जा सकता है। पिछले कई वर्षों में इस मैदान पर बारिश के बाद भी कम समय में खेल शुरू करने के उदाहरण देखने को मिले हैं। इसलिए यदि भारी बारिश नहीं होती है तो मैच के पूरी तरह धुलने की संभावना अपेक्षाकृत कम मानी जा रही है।
हालांकि मौसम को लेकर अंतिम स्थिति मैच के दिन ही स्पष्ट हो पाएगी। क्रिकेट में मौसम हमेशा एक बड़ा फैक्टर रहा है और धर्मशाला जैसे पहाड़ी क्षेत्र में इसका प्रभाव और भी ज्यादा दिखाई देता है। फैंस उम्मीद कर रहे हैं कि बादल ज्यादा देर तक न टिकें और उन्हें भारत तथा अफगानिस्तान के बीच एक शानदार मुकाबला देखने को मिले। यदि मौसम ने साथ दिया तो दोनों टीमों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिल सकती है, लेकिन यदि बारिश बार-बार बाधा बनती है तो मुकाबले का रोमांच कुछ हद तक प्रभावित हो सकता है।
फिलहाल सभी की निगाहें आसमान पर टिकी हुई हैं। भारतीय टीम जीत के साथ सीरीज की शुरुआत करना चाहेगी, जबकि अफगानिस्तान इतिहास रचने की उम्मीद लेकर मैदान पर उतरेगा। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि धर्मशाला का मौसम किसका साथ देता है—क्रिकेट का या बारिश का।