
LIVE मैच में हुआ बवाल! DRS में आउट होने की पुष्टि के बाद अंपायरों से भिड़े शेरफेन रदरफोर्ड, गुस्से में लौटे पवेलियन
भारत और वेस्टइंडीज के बीच 3 अक्टूबर 2026 को न्यू चंडीगढ़ में खेले गए तीसरे और आखिरी वनडे मुकाबले में एक ऐसा पल देखने को मिला, जिसने मैदान पर तनाव बढ़ा दिया। वेस्टइंडीज के बल्लेबाज शेरफेन रदरफोर्ड विकेट के पीछे कैच आउट दिए जाने के बाद फैसले से संतुष्ट नहीं थे। उन्होंने तुरंत DRS लिया, लेकिन तीसरे अंपायर की जांच में अल्ट्राएज पर बल्ले और गेंद के बीच संपर्क दिखाई दिया। इसके बाद मैदानी अंपायर का फैसला बरकरार रहा और रदरफोर्ड को पवेलियन लौटना पड़ा।
आउट होने के बाद रदरफोर्ड काफी नाराज नजर आए। वह मैदान पर अंपायरों से तीखी बहस करते दिखे और असंतोष जताते हुए वापस लौटे। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। मैच के दौरान हुई इस बहस ने क्रिकेट प्रशंसकों के बीच फैसले और खिलाड़ी की प्रतिक्रिया को लेकर चर्चा छेड़ दी। (Aaj Tak)
कैसे हुआ रदरफोर्ड का विकेट?
यह घटना वेस्टइंडीज की पारी के दौरान हुई, जब टीम भारत के दिए लक्ष्य का पीछा कर रही थी। भारतीय गेंदबाज नमन धीर गेंदबाजी कर रहे थे। उनकी एक गेंद रदरफोर्ड के शरीर के काफी करीब से निकली। रदरफोर्ड ने उस पर कट शॉट खेलने की कोशिश की, लेकिन गेंद बल्ले का बाहरी किनारा लेकर विकेटकीपर केएल राहुल के दस्तानों में चली गई।
भारत की ओर से अपील हुई और मैदानी अंपायर ने रदरफोर्ड को आउट दे दिया। बल्लेबाज इस फैसले से सहमत नहीं थे। उन्हें लगा कि गेंद बल्ले से नहीं लगी है, इसलिए उन्होंने बिना देर किए DRS का सहारा लिया। अब फैसला तीसरे अंपायर के पास था, जहां तकनीकी रिप्ले के जरिए यह जांच की गई कि गेंद और बल्ले के बीच संपर्क हुआ था या नहीं।
अल्ट्राएज में दिखा बल्ले और गेंद का संपर्क
DRS जांच के दौरान अल्ट्राएज का इस्तेमाल किया गया। इस तकनीक में गेंद के बल्ले या पैड से संपर्क के समय बनने वाले ध्वनि संकेत को ग्राफ के रूप में देखा जाता है। रदरफोर्ड के मामले में जांच के दौरान गेंद और बल्ले के बीच संपर्क का संकेत सामने आया।
इसके बाद तीसरे अंपायर ने मैदानी अंपायर के फैसले को सही ठहराया। यानी रदरफोर्ड को आउट करार देने का फैसला बरकरार रहा। तकनीकी जांच के बाद बल्लेबाज के पास मैदान पर बने रहने का विकल्प नहीं था और उन्हें पवेलियन लौटना पड़ा। (Aaj Tak)
फैसले के बाद अंपायरों से बहस
तीसरे अंपायर का फैसला आने के बाद रदरफोर्ड की नाराजगी साफ दिखाई दी। वह मैदान पर ही अंपायरों से बातचीत करते और अपना असंतोष जताते नजर आए। कुछ देर तक तीखी बहस के बाद वह बुदबुदाते हुए पवेलियन की ओर लौट गए।
मैदान पर खिलाड़ियों और अंपायरों के बीच फैसलों को लेकर बातचीत होना क्रिकेट का हिस्सा है। हालांकि, किसी फैसले के बाद खिलाड़ी की प्रतिक्रिया भी खेल भावना और आचार संहिता के दायरे में आती है। इस घटना में रदरफोर्ड की नाराजगी कैमरे में कैद हुई और वीडियो सामने आने के बाद इस पर सोशल मीडिया पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं आने लगीं।
कुछ दर्शकों ने इसे दबाव में खिलाड़ी की स्वाभाविक प्रतिक्रिया बताया, जबकि कुछ ने अंपायरों के फैसले के बाद इस तरह की बहस पर सवाल उठाए। हालांकि, उपलब्ध रिपोर्ट में रदरफोर्ड के खिलाफ किसी अनुशासनात्मक कार्रवाई की पुष्टि नहीं की गई है।
24 रन बनाकर आउट हुए रदरफोर्ड
रदरफोर्ड ने आउट होने से पहले 25 गेंदों पर 24 रन बनाए। उनकी पारी में दो चौके शामिल थे। वेस्टइंडीज के लिए यह विकेट अहम माना गया, क्योंकि टीम लक्ष्य का पीछा कर रही थी और रदरफोर्ड मध्यक्रम में रन बनाने की कोशिश कर रहे थे।
भारत को इस विकेट से राहत मिली। नमन धीर की गेंद पर केएल राहुल ने कैच पकड़ा और DRS के बाद विकेट की पुष्टि हो गई। इस तरह गेंदबाज और विकेटकीपर की कोशिश भारत के लिए सफल रही। (Aaj Tak)
क्या होता है DRS और अल्ट्राएज?
क्रिकेट में Decision Review System यानी DRS का इस्तेमाल अंपायर के फैसले की समीक्षा के लिए किया जाता है। जब किसी टीम या बल्लेबाज को मैदानी अंपायर के निर्णय पर संदेह होता है, तो वह निर्धारित नियमों के तहत समीक्षा मांग सकता है। तीसरा अंपायर उपलब्ध तकनीक और रिप्ले देखकर फैसला करता है।
कैच आउट या विकेट के पीछे कैच के मामलों में यह जांचना जरूरी होता है कि गेंद ने बल्ले या दस्ताने को छुआ था या नहीं। इसके लिए अल्ट्राएज जैसी तकनीक का उपयोग किया जा सकता है। इसमें संपर्क के समय बनने वाले ध्वनि संकेत को स्क्रीन पर दिखाया जाता है। इसके साथ वीडियो रिप्ले भी देखा जाता है, ताकि घटना को अलग-अलग कोणों से समझा जा सके।
रदरफोर्ड के मामले में अल्ट्राएज पर संपर्क का संकेत मिलने के बाद मैदानी अंपायर का फैसला कायम रहा। DRS का उद्देश्य विवादित फैसलों की समीक्षा करना है, लेकिन अंतिम निर्णय नियमों और उपलब्ध तकनीकी साक्ष्य के आधार पर तीसरा अंपायर देता है।
न्यू चंडीगढ़ में खेला गया निर्णायक मुकाबला
भारत और वेस्टइंडीज के बीच तीन मैचों की वनडे सीरीज का तीसरा मुकाबला न्यू चंडीगढ़ स्थित PCA इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में खेला गया। भारत ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी चुनी। मुकाबले में दोनों टीमों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली और वेस्टइंडीज ने लक्ष्य का पीछा करते हुए भारतीय गेंदबाजों पर दबाव बनाया।
इस मैच में रदरफोर्ड का विकेट उस समय आया, जब वेस्टइंडीज को रन गति बनाए रखने की जरूरत थी। ऐसे में उनका आउट होना टीम के लिए महत्वपूर्ण मोड़ साबित हुआ। भारत की ओर से नमन धीर ने गेंदबाजी की और केएल राहुल ने विकेट के पीछे कैच पूरा किया। (BCCI)
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
रदरफोर्ड और अंपायरों के बीच हुई बहस का वीडियो सामने आने के बाद क्रिकेट प्रशंसकों ने इस पर प्रतिक्रिया दी। कुछ लोगों ने DRS के फैसले को सही माना, जबकि कुछ ने वीडियो के अलग-अलग पहलुओं पर चर्चा की। खेल के दौरान ऐसे क्षण अक्सर दर्शकों का ध्यान खींचते हैं, खासकर जब किसी बड़े मुकाबले में विकेट के फैसले पर खिलाड़ी असहमति जताता है।
हालांकि, वायरल वीडियो के आधार पर किसी खिलाड़ी के इरादे या व्यवहार के बारे में अतिरिक्त निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, रदरफोर्ड ने फैसले से असंतोष जताया, अंपायरों से बातचीत की और फिर मैदान छोड़ दिया।
मैच में तकनीक और अंपायरिंग फिर चर्चा में
इस घटना ने एक बार फिर क्रिकेट में तकनीक की भूमिका को चर्चा में ला दिया है। DRS का उद्देश्य मानवीय गलती की संभावना कम करना और विवादित फैसलों की समीक्षा करना है। इसके बावजूद तकनीकी निर्णयों पर खिलाड़ियों और दर्शकों की प्रतिक्रियाएं सामने आती रहती हैं।
रदरफोर्ड के मामले में मैदानी अंपायर ने उन्हें आउट दिया था। बल्लेबाज ने DRS लिया, लेकिन अल्ट्राएज में संपर्क का संकेत मिलने के बाद फैसला नहीं बदला। इसके बाद उनका गुस्सा कैमरे में कैद हो गया। 25 गेंदों पर 24 रन बनाकर लौटे रदरफोर्ड की यह प्रतिक्रिया तीसरे वनडे के सबसे चर्चित पलों में शामिल हो गई।