
परिणीति चोपड़ा ने अपनी नई वेब सीरीज ‘शक: ट्रस्ट नो वन’ के जरिए ओटीटी पर डेब्यू किया है। सीरीज में वह एक ऐसी मां का किरदार निभा रही हैं, जिसकी जिंदगी उस समय पूरी तरह बदल जाती है, जब उसका बच्चा जन्म के कुछ ही समय बाद गायब हो जाता है। अपने बच्चे को तलाशने की उसकी कोशिश सालों तक चलती है और इसी सफर के इर्द-गिर्द कहानी आगे बढ़ती है।
इस सीरीज की कहानी जितनी भावनात्मक है, इसकी शूटिंग से जुड़ा परिणीति का निजी अनुभव भी उतना ही दिलचस्प है। दरअसल, सीरीज की शूटिंग के बीच में ही उन्हें पता चला था कि वह प्रेग्नेंट हैं। उस समय वह खुद मां नहीं बनी थीं और इसी वजह से वह अपने किरदार की भावनाओं को एक कलाकार के तौर पर निभा रही थीं। अब जब वह खुद मां बन चुकी हैं, तो उनका कहना है कि अगर शूटिंग के समय उनका बच्चा पहले ही जन्म ले चुका होता, तो शायद उनके लिए इस किरदार से खुद को अलग रखना बेहद मुश्किल होता।
शूटिंग के दौरान ही पता चली थी प्रेग्नेंसी
परिणीति ने पहले भी बताया है कि ‘शक’ की शूटिंग के दौरान उन्हें अपनी प्रेग्नेंसी के बारे में पता चला था। शूटिंग का एक बड़ा हिस्सा हिमाचल प्रदेश के शिमला और आसपास के चुनौतीपूर्ण लोकेशंस पर किया जा रहा था। शूटिंग शुरू होने के बाद जब उन्हें प्रेग्नेंसी की जानकारी मिली, तब उन्होंने निर्माताओं से इस बारे में बातचीत की।
परिणीति के मुताबिक, उन्हें चिंता थी कि कहीं उनकी प्रेग्नेंसी की वजह से प्रोजेक्ट प्रभावित न हो जाए। हालांकि, सीरीज के निर्माताओं और निर्देशक ने उनकी स्थिति को समझा और शूटिंग के दौरान उनकी सुरक्षा तथा आराम का विशेष ध्यान रखा।
निर्माताओं ने उनके लिए सेट के पास ही रहने की व्यवस्था की, ताकि उन्हें पहाड़ी सड़कों पर रोज लंबा सफर न करना पड़े। इसके अलावा एक्शन और शारीरिक मेहनत वाले दृश्यों में भी जरूरी बदलाव किए गए, ताकि कहानी और उनके किरदार से समझौता किए बिना उनकी सुविधा का ध्यान रखा जा सके।
‘अगर पहले मां बन गई होती तो हर सीन में रोती’
हाल ही में दिए एक इंटरव्यू में परिणीति ने बताया कि वह इस बात के लिए आभारी हैं कि ‘शक’ की शूटिंग के समय वह अभी मां नहीं बनी थीं। उनका कहना है कि अगर शूटिंग से पहले उनका बेटा पैदा हो चुका होता, तो इस किरदार को निभाना उनके लिए भावनात्मक रूप से बहुत ज्यादा मुश्किल हो सकता था।
परिणीति के मुताबिक, उस समय वह कहानी और निर्देशक के निर्देशन के आधार पर किरदार की भावनाओं को समझ रही थीं। लेकिन अब जब वह खुद एक मां हैं, तो उसी कहानी को देखने और उसके दृश्यों के बारे में सोचने का उनका नजरिया पूरी तरह बदल गया है।
उन्होंने कहा कि अगर वह उस समय मां होतीं तो शायद हर सीन में रोतीं और किरदार से खुद को अलग रखना मुश्किल हो जाता। उनके मुताबिक, अब उन्हें इस कहानी में मां के दर्द का एहसास कहीं ज्यादा गहराई से होता है।
उन्होंने यह भी कहा कि आज अगर उन्हें पहली बार यही स्क्रिप्ट पढ़ने के लिए दी जाती, तो उनकी प्रतिक्रिया शायद बिल्कुल अलग होती। मां बनने के बाद बच्चे से जुड़े दर्द और डर को समझने का उनका व्यक्तिगत अनुभव उनके अभिनय को भी प्रभावित कर सकता था।
‘शक’ में मां के दर्द की कहानी
‘शक: ट्रस्ट नो वन’ में परिणीति ने अन्विता दत्त नाम की महिला का किरदार निभाया है। कहानी में उसका बच्चा जन्म के कुछ समय बाद ही गायब हो जाता है। इसके बाद वह उसे ढूंढ़ने के लिए लंबी लड़ाई लड़ती है।
कहानी में बच्चे की तलाश केवल एक सामान्य जांच नहीं है, बल्कि यह एक मां के उस भावनात्मक संघर्ष को दिखाती है जिसमें वह अपने बच्चे को वापस पाने के लिए लगातार कोशिश करती रहती है।
सीरीज में परिणीति के किरदार को कई सालों तक अपने बच्चे की तलाश करते हुए दिखाया गया है। इसी वजह से भूमिका में भावनात्मक दृश्यों की काफी अहमियत है।
परिणीति ने बताया कि शूटिंग के समय उनके पास मां बनने का वास्तविक अनुभव नहीं था। इसलिए उन्होंने अपनी परफॉर्मेंस के लिए मुख्य रूप से स्क्रिप्ट, निर्देशक और सेट पर मौजूद उन महिलाओं से मदद ली, जो खुद मां थीं।
मां बनने के बाद बदला कहानी देखने का नजरिया
परिणीति और राघव चड्ढा अक्टूबर 2025 में बेटे के माता-पिता बने थे। इसके बाद ‘शक’ उनके लिए उनकी प्रोफेशनल जिंदगी का एक खास प्रोजेक्ट बन गया है, क्योंकि यह उनकी मां बनने के बाद पर्दे पर वापसी भी है।
उन्होंने बताया कि जब उन्होंने सीरीज की कहानी पर दोबारा विचार किया, तो कई दृश्य उन्हें पहले की तुलना में बहुत ज्यादा भावुक करने लगे। जिस दर्द को वह पहले एक कलाकार के तौर पर समझ रही थीं, अब वह उसे एक मां के नजरिए से महसूस करती हैं।
उनके अनुसार, बच्चे से जुड़ी ऐसी कहानी को मां बनने के बाद देखना आसान नहीं है। यही वजह है कि वह मानती हैं कि अगर शूटिंग के दौरान ही वह मां बन गई होतीं, तो शायद उनके लिए किरदार की भावनाओं को नियंत्रित करना मुश्किल होता।
शूटिंग के दौरान टीम ने रखा खास ध्यान
प्रेग्नेंसी के दौरान शूटिंग करना आसान नहीं था, खासकर तब जब प्रोजेक्ट की शूटिंग पहाड़ी इलाकों में हो रही हो और उसमें एक्शन सीक्वेंस भी शामिल हों।
परिणीति ने बताया कि जब उन्हें प्रेग्नेंसी के बारे में पता चला तो उन्होंने टीम को जानकारी दी। उनके मुताबिक, निर्माताओं ने स्थिति को समझते हुए शूटिंग की योजना में जरूरी बदलाव किए।
उन्हें सेट के पास रहने की सुविधा दी गई, ताकि पहाड़ी और घुमावदार रास्तों पर रोज आने-जाने की परेशानी से बचा जा सके। टीम ने एक्शन सीन्स को भी उनकी स्थिति के मुताबिक ढाला।
अभिनेत्री ने इस सहयोग के लिए निर्देशक रेंसिल डिसिल्वा और निर्माताओं की तारीफ की है। उनका कहना है कि टीम ने काम की गुणवत्ता बनाए रखते हुए उनकी सुरक्षा और आराम को प्राथमिकता दी।
राघव चड्ढा भी पहुंचे थे शिमला
प्रेग्नेंसी की खबर मिलने के बाद परिणीति के पति राघव चड्ढा भी उनके साथ रहने के लिए शिमला पहुंचे थे। परिणीति ने बताया कि उनके परिवार के अन्य सदस्य भी उस दौरान उनसे मिलने आए थे।
उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा था कि ऐसा लग रहा था जैसे पूरी फैमिली शूटिंग पर ही पहुंच गई हो। अभिनेत्री ने इस अनुभव को अपनी जिंदगी के बेहद खास दौर के रूप में याद किया है।
उन्होंने यह भी कहा कि उनके बेटे का जन्म और उनका ओटीटी डेब्यू एक ही दौर में हुआ, इसलिए ‘शक’ उनके लिए हमेशा विशेष प्रोजेक्ट रहेगा।
पहली बार वेब सीरीज में नजर आ रही हैं परिणीति
‘शक: ट्रस्ट नो वन’ परिणीति चोपड़ा की पहली वेब सीरीज है। इसका निर्देशन रेंसिल डिसिल्वा ने किया है और इसमें परिणीति के साथ अनूप सोनी, सोनी राजदान, जेनिफर विंगेट, ताहिर राज भसीन, हर्लीन सेठी और अन्य कलाकार नजर आ रहे हैं। सीरीज नेटफ्लिक्स पर स्ट्रीम हो रही है।
सीरीज की कहानी एक मां के अपने बच्चे को खोजने के संघर्ष पर केंद्रित है। यही वजह है कि परिणीति के लिए इसका किरदार निजी तौर पर भी खास बन गया है। शूटिंग के समय वह खुद मां नहीं थीं, लेकिन अब सीरीज के रिलीज होने के वक्त उनकी निजी जिंदगी उस किरदार के अनुभव से अलग नहीं रह गई है।
‘चमकीला’ के बाद एक और अलग भूमिका
परिणीति चोपड़ा ने हाल के वर्षों में अलग तरह की भूमिकाओं पर भी काम किया है। ‘अमर सिंह चमकीला’ में उनके काम को चर्चा मिली थी और इसके बाद ‘शक’ में उन्होंने एक गंभीर और भावनात्मक किरदार चुना।
परिणीति ने एक इंटरव्यू में कहा कि ‘अमर सिंह चमकीला’ के बाद उन्हें जिस तरह के काम के प्रस्ताव मिलने लगे, उससे उन्हें लगा कि फिल्म निर्माताओं का उनके काम को देखने का नजरिया बदला है।
अब ‘शक’ के जरिए उन्होंने वेब सीरीज की दुनिया में कदम रखा है। इस प्रोजेक्ट में उनका किरदार एक ऐसी मां का है, जिसकी जिंदगी बच्चे के गायब होने के बाद पूरी तरह बदल जाती है।
मां बनने के बाद काम पर वापसी
परिणीति ने हाल ही में मां बनने के बाद काम पर लौटने को लेकर भी बात की है। उन्होंने बताया कि पहली बार अपने बच्चे से दूर होकर काम पर लौटना उनके लिए भावनात्मक रूप से बहुत मुश्किल अनुभव था। उन्होंने इस अनुभव को बेहद गहरा बताया और कहा कि मां बनने के बाद काम और निजी जिंदगी के बीच संतुलन को लेकर समाज की अपेक्षाओं पर भी सोचने की जरूरत है।
इसी अनुभव की वजह से ‘शक’ का किरदार अब उनके लिए पहले से ज्यादा व्यक्तिगत महसूस होता है। शूटिंग के समय वह उस कहानी को एक अभिनेत्री के रूप में निभा रही थीं, लेकिन सीरीज के रिलीज होने के समय वह खुद एक मां हैं।
क्यों खास है परिणीति का यह अनुभव?
‘शक’ की शूटिंग और परिणीति की निजी जिंदगी के बीच एक दिलचस्प समानता यह रही कि वह जिस समय एक मां की कहानी पर काम कर रही थीं, उसी दौरान उनकी अपनी जिंदगी में भी मां बनने का नया अध्याय शुरू हो रहा था।
हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया है कि शूटिंग के शुरुआती दौर में वह मां नहीं थीं और इसलिए उन्होंने किरदार को अपने वास्तविक मातृत्व अनुभव से नहीं जोड़ा। उन्होंने स्क्रिप्ट और निर्देशन के आधार पर भूमिका को निभाया।
अब जब वह खुद मां बन चुकी हैं, तो उसी कहानी का भावनात्मक असर उनके लिए बदल गया है। उनके मुताबिक, आज अगर वह इस कहानी को पहली बार पढ़तीं, तो शायद कई दृश्यों पर उनकी प्रतिक्रिया पहले से बिल्कुल अलग होती।
यही वजह है कि परिणीति मानती हैं कि शूटिंग के समय उनका मां न होना इस भूमिका के लिए एक तरह से फायदेमंद रहा। अगर उस समय उनका बेटा पैदा हो चुका होता, तो बच्चे को खोने वाली मां का दर्द उनके लिए इतना व्यक्तिगत हो जाता कि हर सीन में भावनाओं को नियंत्रित करना मुश्किल हो सकता था।
फिलहाल परिणीति ‘शक: ट्रस्ट नो वन’ के जरिए ओटीटी पर अपनी नई पारी शुरू कर चुकी हैं। एक तरफ यह उनके लिए वेब सीरीज में पहला कदम है, तो दूसरी तरफ मां बनने के बाद यह उनका पहला बड़ा ऑन-स्क्रीन प्रोजेक्ट है। उनके अपने अनुभवों ने इस प्रोजेक्ट को और खास बना दिया है।