
भोजपुरी सिनेमा के सुपरस्टार और सांसद Ravi Kishan इन दिनों अपनी एक पुरानी फिल्म को लेकर चर्चा में हैं। दिलचस्प बात यह है कि यह चर्चा किसी नई भोजपुरी रिलीज की वजह से नहीं, बल्कि अभिनेता Ranveer Singh की सुपरहिट फिल्म ‘धुरंधर’ के कारण शुरू हुई है। रणवीर सिंह की फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर जबरदस्त सफलता हासिल की है और इसी के साथ सोशल मीडिया पर ‘धुरंधर’ नाम की पुरानी फिल्मों को लेकर भी लोगों की दिलचस्पी बढ़ गई है। इस ट्रेंड का सबसे बड़ा फायदा रवि किशन की वर्ष 2013 में आई भोजपुरी फिल्म ‘धुरंधर: द शूटर’ को मिला है, जो अचानक फिर से चर्चा में आ गई है।
करीब एक दशक पहले रिलीज हुई इस भोजपुरी फिल्म को उस समय क्षेत्रीय दर्शकों के बीच अच्छी पहचान मिली थी, लेकिन अब डिजिटल प्लेटफॉर्म और सोशल मीडिया पर इसके क्लिप्स तेजी से वायरल हो रहे हैं। लोग पुरानी फिल्म के दृश्यों को खोज-खोजकर देख रहे हैं और दोनों फिल्मों के नामों की समानता को लेकर चर्चा कर रहे हैं। कई सोशल मीडिया यूजर्स ने तो यह तक कहना शुरू कर दिया कि वे पहली बार जान पाए हैं कि ‘धुरंधर’ नाम से पहले भी एक भोजपुरी फिल्म बन चुकी है। इसी बढ़ती चर्चा के बीच रवि किशन ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है।
रवि किशन ने कहा कि उन्हें यह देखकर हैरानी हुई कि उनकी पुरानी फिल्म अचानक फिर से लोगों के बीच लोकप्रिय हो गई है। उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि इस नए ट्रेंड की वजह से फिल्म के निर्माता को इतना फायदा हुआ कि वह करोड़पति बन गया। अभिनेता के इस बयान ने सोशल मीडिया पर और अधिक चर्चा पैदा कर दी। रवि किशन के अनुसार, कभी-कभी मनोरंजन जगत में ऐसी घटनाएं होती हैं जिनकी कोई कल्पना भी नहीं करता। एक नई फिल्म की सफलता किसी पुरानी फिल्म को भी नई जिंदगी दे सकती है और यही इस मामले में देखने को मिला है।
भोजपुरी फिल्म ‘धुरंधर: द शूटर’ वर्ष 2013 में रिलीज हुई थी। उस समय यह एक एक्शन और मसाला एंटरटेनर के रूप में दर्शकों के बीच आई थी। फिल्म में रवि किशन की दमदार स्क्रीन प्रेजेंस और एक्शन सीक्वेंस को पसंद किया गया था। हालांकि उस दौर में डिजिटल मीडिया और सोशल मीडिया का प्रभाव आज जितना नहीं था, इसलिए फिल्म की पहुंच मुख्य रूप से भोजपुरी दर्शकों तक ही सीमित रही। लेकिन आज जब इंटरनेट और ओटीटी प्लेटफॉर्म का दौर है, तब पुराने कंटेंट को भी नया दर्शक वर्ग मिल रहा है। यही वजह है कि वर्षों पुरानी फिल्म एक बार फिर लोगों की नजरों में आ गई है।
रणवीर सिंह की ‘धुरंधर’ की सफलता ने इस चर्चा को और बढ़ावा दिया है। फिल्म की लोकप्रियता के चलते सोशल मीडिया पर ‘ओरिजिनल धुरंधर’ और ‘पुरानी धुरंधर’ जैसे हैशटैग भी देखने को मिले। कई वीडियो और पोस्ट में रवि किशन की फिल्म के दृश्य साझा किए गए। कुछ यूजर्स ने दोनों फिल्मों के बीच तुलना करने की कोशिश की, जबकि कई लोगों ने इसे भारतीय सिनेमा की दिलचस्प संयोग वाली कहानी बताया।
भारतीय फिल्म उद्योग में यह पहली बार नहीं है जब किसी नई फिल्म की वजह से पुराने कंटेंट को अचानक लोकप्रियता मिली हो। अक्सर किसी फिल्म, गीत या संवाद के वायरल होने के बाद उससे जुड़े पुराने प्रोजेक्ट्स भी चर्चा में आ जाते हैं। डिजिटल युग में दर्शक केवल नई फिल्मों तक सीमित नहीं रहते बल्कि वे पुरानी फिल्मों को भी खोजकर देखने लगते हैं। इस ट्रेंड ने क्षेत्रीय सिनेमा को भी बड़ा फायदा पहुंचाया है। भोजपुरी, मराठी, पंजाबी और दक्षिण भारतीय फिल्मों की पुरानी लाइब्रेरी को अब राष्ट्रीय स्तर पर दर्शक मिल रहे हैं।
रवि किशन स्वयं भोजपुरी सिनेमा के सबसे बड़े सितारों में गिने जाते हैं। उन्होंने अपने करियर में 200 से अधिक फिल्मों में काम किया है और भोजपुरी सिनेमा को राष्ट्रीय पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। बाद में उन्होंने हिंदी फिल्मों, टेलीविजन और राजनीति में भी सफलता हासिल की। आज वे मनोरंजन जगत और राजनीति दोनों क्षेत्रों में सक्रिय हैं।
फिल्म विशेषज्ञों का मानना है कि यह घटना इस बात का उदाहरण है कि डिजिटल मीडिया ने कंटेंट की उम्र को लगभग अनंत बना दिया है। पहले कोई फिल्म थिएटर और टीवी प्रसारण तक सीमित रह जाती थी, लेकिन अब यूट्यूब, सोशल मीडिया और विभिन्न वीडियो प्लेटफॉर्म के माध्यम से वर्षों पुराना कंटेंट भी नए दर्शकों तक पहुंच सकता है। यदि किसी वजह से वह ट्रेंड में आ जाए तो उसे दोबारा लोकप्रियता मिल सकती है। ‘धुरंधर: द शूटर’ का मामला भी कुछ ऐसा ही है।
सोशल मीडिया पर कुछ लोगों ने यह भी चर्चा शुरू कर दी कि क्या रणवीर सिंह की फिल्म और भोजपुरी फिल्म के बीच कोई संबंध है। हालांकि दोनों फिल्मों की कहानी, प्रस्तुति और निर्माण पूरी तरह अलग हैं। समानता केवल नाम तक सीमित है। इसके बावजूद नाम की वजह से लोगों की उत्सुकता बढ़ी और उन्होंने पुरानी फिल्म को खोजकर देखना शुरू कर दिया। यही कारण है कि एक दशक पुरानी भोजपुरी फिल्म फिर से सुर्खियों में आ गई।
रवि किशन का बयान यह भी दिखाता है कि मनोरंजन उद्योग में सफलता कई बार अप्रत्याशित रास्तों से आती है। जिस फिल्म को लोग लगभग भूल चुके थे, वही अचानक चर्चा का विषय बन गई। निर्माता को आर्थिक लाभ मिलने की बात भले ही हल्के-फुल्के अंदाज में कही गई हो, लेकिन यह डिजिटल युग की उस ताकत को दर्शाती है जिसमें किसी भी कंटेंट को दोबारा लोकप्रिय बनाया जा सकता है।
फिलहाल ‘धुरंधर’ नाम को लेकर चल रही चर्चा ने रवि किशन की पुरानी फिल्म को नई पहचान दे दी है। जहां रणवीर सिंह की फिल्म बॉक्स ऑफिस पर सफलता के झंडे गाड़ रही है, वहीं भोजपुरी सिनेमा की यह पुरानी फिल्म भी एक बार फिर दर्शकों के बीच चर्चा का विषय बन गई है। मनोरंजन जगत में ऐसे संयोग कम ही देखने को मिलते हैं, जहां एक नई ब्लॉकबस्टर किसी दशक पुरानी फिल्म को फिर से सुर्खियों में ला दे। यही वजह है कि ‘धुरंधर’ अब केवल एक फिल्म का नाम नहीं, बल्कि दो अलग-अलग दौर की फिल्मों को जोड़ने वाली दिलचस्प कहानी बन गया है।