
यूक्रेन पर बड़े हमले की तैयारी में रूस? विदेशी नागरिकों और डिप्लोमेट्स से कीव छोड़ने की अपील
रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। रूस ने विदेशी नागरिकों और राजनयिकों से यूक्रेन की राजधानी कीव छोड़ने की अपील की है। रूसी विदेश मंत्रालय ने चेतावनी दी है कि मॉस्को कीव और यूक्रेन के अन्य शहरों में सैन्य ठिकानों को निशाना बनाकर जवाबी हमले जारी रखेगा। इस बयान के बाद यूक्रेन की राजधानी पर बड़े हमले की आशंका को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
रूस की यह चेतावनी ऐसे समय आई है, जब कीव में एक प्रमुख पुल पर हमला हुआ और शहर के बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचने की खबर सामने आई। रूस ने अपने संभावित हमलों को यूक्रेनी सेना की ओर से रूस की नागरिक आबादी और बुनियादी ढांचे पर किए गए कथित हमलों का जवाब बताया है। हालांकि, रूस ने किसी आगामी हमले की निश्चित तारीख, समय या इस्तेमाल किए जाने वाले हथियारों का विस्तृत ब्योरा सार्वजनिक नहीं किया है। इसलिए फिलहाल यह कहना जल्दबाजी होगी कि कीव पर किसी खास समय बड़ा हमला होने वाला है।
रूस ने क्या चेतावनी दी?
रूस के विदेश मंत्रालय ने शनिवार, 3 अक्टूबर को विदेशी नागरिकों और राजनयिक मिशनों के कर्मचारियों से कीव में रहने या यूक्रेन की यात्रा करने से बचने को कहा। मंत्रालय ने कहा कि रूसी सेना कीव और अन्य यूक्रेनी शहरों में सैन्य ठिकानों पर लक्षित जवाबी हमले जारी रखेगी।
रूसी बयान में यूक्रेनी सेना पर रूस की नागरिक आबादी और नागरिक बुनियादी ढांचे के खिलाफ आतंकवादी कार्रवाई करने का आरोप लगाया गया। मॉस्को ने कहा कि ऐसे कदमों के जवाब में उसकी सेना कार्रवाई कर रही है और आगे भी हमले जारी रहेंगे।
रूस ने चेतावनी को नजरअंदाज करने वालों के लिए संभावित गंभीर परिणामों की जिम्मेदारी उन्हीं पर डालने की बात कही। इस संदेश को विदेशी दूतावासों और नागरिकों के लिए सुरक्षा चेतावनी के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि, रूस की ओर से यह स्पष्ट नहीं किया गया कि विदेशी मिशनों को किस विशेष हमले या लक्ष्य की जानकारी दी गई है। (AFP)
कीव के नॉर्दर्न ब्रिज पर हमले से बढ़ी चिंता
रूस की चेतावनी से कुछ घंटे पहले कीव के नॉर्दर्न ब्रिज को निशाना बनाए जाने की खबर आई थी। कीव के मेयर विताली क्लिचको के मुताबिक, हमले में पुल को नुकसान पहुंचा और दो लोग घायल हुए। पुल की सड़क और ट्रॉलीबस की बिजली लाइनों पर असर पड़ा, जिसके कारण यातायात प्रभावित हुआ।
रिपोर्टों के अनुसार, पुल पर हुए विस्फोट के बाद मरम्मत और तकनीकी काम शुरू किया गया। यह पुल शहर के परिवहन नेटवर्क का महत्वपूर्ण हिस्सा है। ऐसे में इसके क्षतिग्रस्त होने से लोगों की आवाजाही और रोजमर्रा की गतिविधियों पर असर पड़ा।
रूस ने अपने हमलों को सैन्य ठिकानों पर लक्षित कार्रवाई बताया है। दूसरी ओर, यूक्रेन में बुनियादी ढांचे को नुकसान और नागरिकों के घायल होने की खबरें सामने आई हैं। युद्ध के दौरान किसी हमले का वास्तविक लक्ष्य और उसके प्रभाव को लेकर दोनों देशों के दावों में अंतर हो सकता है। इसलिए किसी भी दावे को संबंधित पक्ष के बयान के रूप में ही देखना जरूरी है।
क्या रूस कीव पर बड़ा हमला करने वाला है?
रूस की ओर से विदेशी नागरिकों और राजनयिकों को कीव छोड़ने की अपील ने बड़े हमले की आशंका को बढ़ाया है। लेकिन अब तक उपलब्ध जानकारी के आधार पर किसी निश्चित तारीख या बड़े सैन्य अभियान की पुष्टि नहीं हुई है।
रूस ने ‘बड़े पैमाने पर जवाबी हमलों’ की बात कही है और कहा है कि सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया जाएगा। यह बयान भविष्य में हमले जारी रहने का संकेत देता है, लेकिन इससे यह निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता कि हमला कब होगा, कितना व्यापक होगा या किन क्षेत्रों को निशाना बनाया जाएगा।
यूक्रेन पर रूस के मिसाइल और ड्रोन हमले पहले से जारी हैं। ऐसे में कीव में सुरक्षा अलर्ट और नागरिकों की सतर्कता महत्वपूर्ण बनी हुई है। विदेशी दूतावासों के लिए भी अपने कर्मचारियों की सुरक्षा, सुरक्षित ठिकानों और आपातकालीन योजनाओं की समीक्षा करना जरूरी हो सकता है।
रूस ने यूक्रेन पर लगाए आरोप
रूसी विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में कहा कि यूक्रेनी सेना ने रूस की नागरिक आबादी और नागरिक बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया है। मॉस्को ने इन्हीं घटनाओं को अपने जवाबी हमलों का कारण बताया।
रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध में दोनों पक्ष एक-दूसरे पर नागरिक क्षेत्रों और महत्वपूर्ण ढांचे को निशाना बनाने के आरोप लगाते रहे हैं। रूस का कहना है कि उसके हमले सैन्य ठिकानों पर केंद्रित हैं, जबकि यूक्रेन कई बार रूसी हमलों से नागरिकों और सार्वजनिक सुविधाओं को हुए नुकसान की जानकारी देता रहा है।
किसी भी घटना में जिम्मेदारी तय करने के लिए स्वतंत्र जांच, स्थल से जुटाए गए सबूत और विश्वसनीय रिपोर्ट महत्वपूर्ण होते हैं। इसलिए रूस की ओर से लगाए गए आरोपों को स्थापित तथ्य के बजाय रूसी सरकार के दावे के रूप में समझना चाहिए।
युद्ध के बीच कीव में लगातार हमलों का खतरा
रूस और यूक्रेन के बीच फरवरी 2022 में शुरू हुआ पूर्ण पैमाने का युद्ध अब भी जारी है। इस दौरान यूक्रेन के कई शहरों पर मिसाइल और ड्रोन हमले हुए हैं। राजधानी कीव भी कई बार हमलों का सामना कर चुकी है।
सितंबर के आखिरी दिनों में भी कीव में विस्फोटों और इमारतों को नुकसान पहुंचने की खबरें सामने आई थीं। यूक्रेनी अधिकारियों ने अलग-अलग हमलों में नागरिकों के हताहत होने और संपत्ति को नुकसान पहुंचने की जानकारी दी थी। लगातार हमलों के कारण शहर में हवाई चेतावनी, सुरक्षित आश्रयों और आपातकालीन सेवाओं की भूमिका महत्वपूर्ण बनी हुई है।
शहर में रहने वाले लोगों के लिए खतरा केवल सीधे हमले तक सीमित नहीं होता। बिजली, परिवहन, पानी और संचार जैसी सुविधाओं पर असर पड़ने से भी आम जीवन प्रभावित हो सकता है। पुलों और अन्य महत्वपूर्ण ढांचे को नुकसान होने पर आपातकालीन सेवाओं तथा रोजाना आने-जाने वाले लोगों के सामने अतिरिक्त चुनौतियां पैदा होती हैं।
विदेशी दूतावासों के सामने सुरक्षा की चुनौती
रूस की अपील के बाद कीव में मौजूद विदेशी दूतावासों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों के लिए सुरक्षा का सवाल अहम हो गया है। किसी भी देश के राजनयिक मिशन को अपने कर्मचारियों की सुरक्षा का आकलन करना होता है। इसके तहत यात्रा सीमित करने, कर्मचारियों को सुरक्षित स्थान पर रखने या अस्थायी रूप से कामकाज बदलने जैसे कदम उठाए जा सकते हैं।
हालांकि, रूस की चेतावनी का अर्थ यह नहीं है कि सभी देशों ने अपने दूतावास बंद करने या कर्मचारियों को तुरंत निकालने का फैसला कर लिया है। किसी देश का ऐसा निर्णय उसकी अपनी सुरक्षा समीक्षा और आधिकारिक सलाह पर निर्भर करता है।
विदेशी नागरिकों को भी अपने देश की यात्रा सलाह, स्थानीय प्रशासन के निर्देश और दूतावासों की सूचनाओं पर ध्यान देने की जरूरत होती है। युद्ध क्षेत्र में हालात तेजी से बदल सकते हैं, इसलिए पुरानी जानकारी के बजाय ताजा आधिकारिक निर्देशों को प्राथमिकता दी जाती है।
क्या रूस की चेतावनी नई है?
रूस पहले भी विदेशी नागरिकों और राजनयिकों को यूक्रेन में सुरक्षा जोखिमों को लेकर चेतावनी देता रहा है। मॉस्को ने अपने पुराने बयानों और राजनयिक संदेशों का हवाला देते हुए कहा है कि विदेशी नागरिकों को यूक्रेन की यात्रा से बचना चाहिए।
इस बार चेतावनी को कीव और अन्य शहरों में जवाबी हमले जारी रखने के बयान के साथ दोहराया गया है। इसी वजह से इसे मौजूदा सैन्य तनाव के संदर्भ में देखा जा रहा है। रूस ने कहा है कि विदेशी नागरिकों को संभावित खतरे को गंभीरता से लेना चाहिए।
हालांकि, चेतावनी के बाद किसी बड़े हमले की पुष्टि या उसकी समयसीमा सामने नहीं आई है। किसी भी सैन्य कार्रवाई के बारे में अंतिम स्थिति घटनाओं और संबंधित पक्षों की आधिकारिक जानकारी से ही स्पष्ट हो सकेगी।
यूक्रेन के लिए आगे की चुनौती
रूस की ताजा चेतावनी ने यूक्रेन के सामने सुरक्षा और नागरिक जीवन से जुड़ी चुनौतियों को फिर उजागर किया है। कीव जैसे बड़े शहर में सैन्य ठिकानों के साथ परिवहन और सार्वजनिक ढांचे की सुरक्षा भी महत्वपूर्ण है। किसी पुल, बिजली व्यवस्था या अन्य जरूरी सुविधा को नुकसान पहुंचने से बड़ी आबादी प्रभावित हो सकती है।
यूक्रेन के लिए हवाई रक्षा, आपातकालीन सेवाओं और नागरिकों को समय पर चेतावनी देना अहम बना रहेगा। वहीं, विदेशी मिशनों को अपने कर्मचारियों और नागरिकों की सुरक्षा को लेकर फैसले लेने होंगे।
फिलहाल रूस ने कीव और अन्य शहरों में जवाबी हमले जारी रखने की बात कही है और विदेशी नागरिकों तथा राजनयिकों को राजधानी छोड़ने की अपील की है। लेकिन किसी आगामी हमले का निश्चित समय या पैमाना घोषित नहीं किया गया है। ऐसे में स्थिति पर नजर बनी हुई है और आने वाले समय में रूस, यूक्रेन तथा विदेशी दूतावासों की ओर से जारी होने वाले आधिकारिक बयानों पर ध्यान रहेगा।