
बॉलीवुड फिल्म ‘धुरंधर’ को लेकर एक नई बहस छिड़ गई है। इस विवाद की शुरुआत तब हुई जब अभिनेत्री स्वरा भास्कर की मां इरा भास्कर ने फिल्म को लेकर अपनी तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने फिल्म के मेकर्स पर निशाना साधते हुए कहा कि इसमें पाकिस्तान को बहुत ही हिंसक और नकारात्मक तरीके से पेश किया गया है।
इरा भास्कर का कहना है कि फिल्मों में किसी देश या समाज को एकतरफा तरीके से दिखाना सही नहीं है। उन्होंने कहा कि इस तरह की प्रस्तुति से लोगों के बीच गलत धारणा बन सकती है। उनके मुताबिक, सिनेमा समाज को जोड़ने का माध्यम होना चाहिए, न कि किसी देश या समुदाय को केवल नकारात्मक रूप में दिखाने का।
बताया जा रहा है कि फिल्म ‘धुरंधर’ का निर्देशन आदित्य धर कर रहे हैं और इसमें अभिनेता रणवीर सिंह मुख्य भूमिका में नजर आने वाले हैं। फिल्म के विषय और इसके कथानक को लेकर पहले से ही चर्चा हो रही थी। लेकिन इरा भास्कर के बयान के बाद यह मुद्दा सोशल मीडिया और फिल्मी हलकों में और ज्यादा चर्चा का विषय बन गया है।
इरा भास्कर ने अपने बयान में कहा कि जब फिल्मों में किसी देश को लगातार हिंसा से जोड़कर दिखाया जाता है तो इससे आम दर्शकों की सोच पर भी असर पड़ता है। उन्होंने यह भी कहा कि फिल्म निर्माताओं को अपनी जिम्मेदारी समझनी चाहिए और कहानी पेश करते समय संतुलन बनाए रखना चाहिए।
इस बयान के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। कुछ लोग इरा भास्कर के विचारों से सहमत नजर आ रहे हैं और कह रहे हैं कि फिल्मों में संवेदनशील विषयों को सावधानी से दिखाना चाहिए। वहीं दूसरी ओर कई लोग यह भी मानते हैं कि फिल्में केवल मनोरंजन का माध्यम हैं और कहानी के अनुसार किसी भी देश या परिस्थिति को दिखाया जा सकता है।
फिल्म इंडस्ट्री में अक्सर इस तरह की बहस देखने को मिलती है, जब किसी फिल्म के विषय या प्रस्तुति को लेकर विवाद खड़ा हो जाता है। ‘धुरंधर’ के मामले में भी यही स्थिति दिखाई दे रही है। हालांकि फिल्म के मेकर्स की ओर से अभी तक इस बयान पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
फिलहाल, यह देखना दिलचस्प होगा कि फिल्म रिलीज होने के बाद दर्शक इसे किस नजरिए से देखते हैं। कई बार फिल्मों को लेकर पहले से बनी धारणाएं रिलीज के बाद बदल भी जाती हैं।
इस पूरे मामले ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि सिनेमा में वास्तविक घटनाओं या देशों की छवि को किस तरह पेश किया जाना चाहिए। कुछ लोग इसे रचनात्मक स्वतंत्रता का हिस्सा मानते हैं, जबकि कुछ का मानना है कि फिल्मकारों को सामाजिक जिम्मेदारी को भी ध्यान में रखना चाहिए।
‘धुरंधर’ से जुड़ी यह बहस आने वाले समय में और तेज हो सकती है, खासकर जब फिल्म का ट्रेलर और अन्य जानकारी सामने आएगी। अभी के लिए, इरा भास्कर का बयान फिल्म को लेकर चर्चा का नया केंद्र बन गया है।