लालू के सारथी बने तेजस्वी, पटना एयरपोर्ट से खुद गाड़ी चलाकर माता-पिता को ले गए घर

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लालू के सारथी बने तेजस्वी, पटना एयरपोर्ट से खुद गाड़ी चलाकर माता-पिता को ले गए घर

बिहार की राजनीति में शनिवार को पटना एयरपोर्ट पर एक ऐसी तस्वीर देखने को मिली, जिसने लोगों का ध्यान खींच लिया। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) प्रमुख लालू प्रसाद यादव और पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी दिल्ली से पटना लौटे तो उनके साथ नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव भी मौजूद थे। एयरपोर्ट से बाहर निकलते ही तेजस्वी ने खुद गाड़ी की ड्राइविंग सीट संभाल ली और अपने माता-पिता को लेकर घर के लिए रवाना हो गए।

आमतौर पर बड़े राजनीतिक नेताओं को सुरक्षा व्यवस्था और ड्राइवर के साथ यात्रा करते देखा जाता है। ऐसे में तेजस्वी का खुद गाड़ी चलाकर लालू और राबड़ी देवी को घर ले जाना वहां मौजूद लोगों के लिए खास दृश्य बन गया। एयरपोर्ट से निकलते समय तेजस्वी ड्राइविंग सीट पर थे, जबकि लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी पीछे बैठे नजर आए। यह दृश्य सोशल मीडिया और राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया।

दिल्ली में IRCTC मामले की सुनवाई के बाद पटना लौटे

लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव दिल्ली में IRCTC से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले की सुनवाई में शामिल होने गए थे। शनिवार को अदालत की कार्यवाही के बाद तीनों पटना लौटे। एयरपोर्ट पहुंचने के बाद तेजस्वी ने खुद वाहन चलाकर माता-पिता को घर पहुंचाने का फैसला किया।

दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में इस मामले की सुनवाई हुई थी। अदालत ने लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव और अन्य आरोपियों के खिलाफ औपचारिक रूप से आरोप तय करने की कार्यवाही को 30 अक्टूबर तक टाल दिया। अदालत ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) को पिछली अदालत के आदेश के संबंध में आवश्यक निर्देश लेने को भी कहा।

इस सुनवाई के बाद तीनों नेताओं की पटना वापसी हुई। एयरपोर्ट पर तेजस्वी का खुद गाड़ी चलाना दिन की सबसे चर्चित तस्वीरों में शामिल हो गया। हालांकि, इस दृश्य को लेकर किसी राजनीतिक संदेश या विशेष रणनीति का आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। फिलहाल यह एक पारिवारिक पल के रूप में चर्चा में है।

कोर्ट ने 30 अक्टूबर तक टाली आरोप तय करने की कार्यवाही

IRCTC होटल टेंडर से जुड़ा मामला लालू प्रसाद यादव के रेल मंत्री रहने के समय के कथित लेन-देन से संबंधित है। प्रवर्तन निदेशालय इस मामले में मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों की जांच कर रहा है। जांच एजेंसी का आरोप है कि रेलवे के होटलों के टेंडर से जुड़े कथित अनियमित लेन-देन के जरिए संपत्ति और लाभ हासिल किए गए। संबंधित आरोपों का अंतिम फैसला अदालत में सुनवाई और सबूतों के आधार पर होना है।

3 अक्टूबर को राउज एवेन्यू कोर्ट ने मामले में औपचारिक आरोप तय करने की कार्यवाही को 30 अक्टूबर तक के लिए स्थगित कर दिया। इस मामले में लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव और छह अन्य लोगों के खिलाफ आरोप तय किए जाने की कार्यवाही लंबित है। अदालत ने ED से पिछली अदालत के आदेश के मद्देनजर आवश्यक निर्देश लेने को कहा।

यह ध्यान रखना जरूरी है कि आरोप तय करने की प्रक्रिया और दोष साबित होना अलग-अलग कानूनी चरण हैं। किसी आरोपी के खिलाफ आरोप तय होने का अर्थ यह नहीं होता कि अदालत ने उसे दोषी ठहरा दिया है। मामले में अंतिम निष्कर्ष सुनवाई और उपलब्ध साक्ष्यों के मूल्यांकन के बाद ही आएगा।

पहले अदालत ने सात आरोपियों को किया था आरोपमुक्त

इस मामले में इससे पहले 10 सितंबर 2026 को पिछली अदालत ने ED की ओर से नामजद 16 आरोपियों में से सात को आरोपमुक्त कर दिया था। अदालत ने शेष नौ आरोपियों के खिलाफ आरोप तय करने का आदेश दिया था। इसके बाद मामले की आगे की कार्यवाही को लेकर कानूनी प्रक्रिया जारी है।

अदालत की इस प्रक्रिया में आरोपमुक्त किए गए लोगों और जिनके खिलाफ आरोप तय किए जाने हैं, उनकी स्थिति अलग-अलग है। इसलिए मामले की खबरों में सभी आरोपियों को एक ही स्थिति में बताना सही नहीं होगा। 3 अक्टूबर की सुनवाई का संबंध शेष आरोपियों के खिलाफ औपचारिक आरोप तय करने की कार्यवाही से था।

पटना एयरपोर्ट पर दिखा अलग अंदाज

कानूनी सुनवाई के बाद पटना लौटे लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी को लेने के लिए तेजस्वी यादव एयरपोर्ट पहुंचे थे। तीनों के बाहर निकलने के बाद तेजस्वी ने ड्राइविंग सीट संभाली। आम तौर पर राजनीतिक नेताओं की आवाजाही में सुरक्षा कर्मियों और ड्राइवरों की व्यवस्था रहती है, लेकिन इस बार तेजस्वी खुद वाहन चलाते दिखाई दिए।

गाड़ी में आगे तेजस्वी और पीछे उनके माता-पिता बैठे थे। एयरपोर्ट पर मौजूद लोगों ने इस पल को देखा और यह तस्वीर चर्चा में आ गई। खबर की खास बात यही रही कि बिहार के नेता प्रतिपक्ष ने अपने माता-पिता को खुद गाड़ी चलाकर घर पहुंचाया।

लालू प्रसाद यादव बिहार की राजनीति के प्रमुख नेताओं में गिने जाते हैं। राबड़ी देवी राज्य की पूर्व मुख्यमंत्री रह चुकी हैं, जबकि तेजस्वी यादव वर्तमान में बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष हैं। ऐसे में परिवार के तीनों सदस्यों की एक साथ पटना वापसी और तेजस्वी का खुद गाड़ी चलाना राजनीतिक चर्चा के साथ-साथ पारिवारिक दृश्य के रूप में भी देखा गया।

IRCTC मामला क्या है?

IRCTC से जुड़ा मामला उस समय के रेलवे होटल टेंडर से संबंधित है, जब लालू प्रसाद यादव केंद्र में रेल मंत्री थे। जांच एजेंसियों के अनुसार, रेलवे के होटलों के संचालन से जुड़े टेंडर में कथित अनियमितताएं हुई थीं और इसके बदले में लाभ पहुंचाने के आरोप लगाए गए। ED इस मामले में कथित मनी लॉन्ड्रिंग की जांच कर रही है।

मामले में जांच एजेंसी के आरोपों और आरोपियों के पक्ष को अदालत में परखा जाना है। आरोपियों की ओर से इन आरोपों को चुनौती दी गई है। अदालत में आरोप तय करने की प्रक्रिया यह निर्धारित करने का हिस्सा है कि किन आरोपों पर मुकदमा आगे चलेगा। इसके बाद अभियोजन और बचाव पक्ष को अपना पक्ष रखने का अवसर मिलता है।

3 अक्टूबर की सुनवाई में अदालत ने आरोप तय करने की कार्यवाही को आगे की तारीख तक टाल दिया। अब इस मामले में अगली महत्वपूर्ण तारीख 30 अक्टूबर है। उस दिन अदालत की कार्यवाही और ED की ओर से दिए जाने वाले निर्देशों पर नजर रहेगी।

तेजस्वी की तस्वीर चर्चा में, लेकिन कानूनी मामला अलग

पटना एयरपोर्ट पर तेजस्वी यादव का खुद गाड़ी चलाना भले ही दिन की चर्चित तस्वीर बन गया हो, लेकिन यह दृश्य अदालत में चल रहे मामले से अलग है। दिल्ली में सुनवाई के बाद परिवार की पटना वापसी हुई और तेजस्वी ने माता-पिता को खुद घर ले जाने का फैसला किया।

राजनीतिक परिवारों से जुड़ी तस्वीरें अक्सर सार्वजनिक चर्चा का हिस्सा बन जाती हैं। इस बार भी एयरपोर्ट पर दिखा यह दृश्य लोगों के बीच चर्चा में रहा। हालांकि, इससे अदालत में चल रही कानूनी प्रक्रिया पर कोई असर नहीं पड़ता। IRCTC मामले में आगे क्या होगा, यह अदालत की सुनवाई और कानूनी दलीलों पर निर्भर करेगा।

फिलहाल लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव पटना लौट चुके हैं। दिल्ली की अदालत ने मामले में आरोप तय करने की कार्यवाही 30 अक्टूबर तक टाल दी है। वहीं, पटना एयरपोर्ट पर तेजस्वी का खुद गाड़ी चलाकर माता-पिता को घर ले जाना इस दिन की सबसे चर्चित तस्वीर बन गया।

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