‘बायोपिक में हो मेरी लव स्टोरी…’ वीरेंद्र सहवाग ने जताई ख्वाहिश, आरती से बचपन में हुई थी पहली मुलाकात

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भारतीय क्रिकेट के पूर्व विस्फोटक बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग इन दिनों क्रिकेट के मैदान से अलग एक नई भूमिका को लेकर चर्चा में हैं। सहवाग जल्द ही रियलिटी शो ‘Rise & Fall 2’ को होस्ट करते नजर आएंगे। इसी सिलसिले में दिए गए एक इंटरव्यू के दौरान उन्होंने अपनी जिंदगी और संभावित बायोपिक को लेकर भी खुलकर बात की। सहवाग से जब पूछा गया कि अगर उनकी जिंदगी पर फिल्म बने तो उसमें क्या दिखाया जाना चाहिए, तो उन्होंने साफ कहा कि उनकी लव स्टोरी भी उस फिल्म का महत्वपूर्ण हिस्सा होनी चाहिए।

सहवाग की यह इच्छा इसलिए भी दिलचस्प है क्योंकि उनका क्रिकेट करियर अपने आप में किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं रहा। दिल्ली के नजफगढ़ से निकलकर भारतीय क्रिकेट के सबसे आक्रामक सलामी बल्लेबाजों में अपनी जगह बनाने तक का उनका सफर कई उतार-चढ़ाव से भरा रहा है। उन्होंने टेस्ट क्रिकेट में तिहरा शतक लगाया, वनडे में दोहरा शतक बनाया और 2011 विश्व कप जीतने वाली भारतीय टीम का हिस्सा भी रहे। इसके बावजूद सहवाग का मानना है कि अगर उनकी जिंदगी पर बायोपिक बनती है तो सिर्फ क्रिकेट ही पूरी कहानी नहीं होगी।

बायोपिक में लव स्टोरी को शामिल करना चाहते हैं सहवाग

वीरेंद्र सहवाग ने कहा कि अगर कभी उनकी जिंदगी पर बायोपिक बनती है तो उनकी प्रेम कहानी को उसमें जरूर जगह मिलनी चाहिए। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि उनकी जिंदगी का निजी पक्ष भी उनके सफर का अहम हिस्सा है।

हालांकि, फिलहाल वीरेंद्र सहवाग की बायोपिक को लेकर किसी फिल्म निर्माता की ओर से कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। न ही फिल्म की कास्ट, निर्देशक या रिलीज डेट सामने आई है। इसलिए सहवाग की टिप्पणी को उनकी व्यक्तिगत इच्छा के तौर पर देखा जाना चाहिए, न कि किसी घोषित फिल्म प्रोजेक्ट के रूप में।

सहवाग ने यह भी संकेत दिया कि अगर उनकी बायोपिक बनती है तो उसमें अभिनेता के चयन का फैसला निर्माता और निर्देशक पर छोड़ा जाना चाहिए। यानी उन्होंने किसी खास अभिनेता का नाम अपनी भूमिका निभाने के लिए नहीं सुझाया।

बचपन में हुई थी आरती से पहली मुलाकात

सहवाग और उनकी पत्नी आरती अहलावत की कहानी की शुरुआत भी काफी दिलचस्प तरीके से हुई थी। उपलब्ध पुरानी रिपोर्टों के मुताबिक दोनों की पहली मुलाकात बचपन में एक पारिवारिक शादी के दौरान हुई थी। उस समय सहवाग करीब सात साल के थे, जबकि आरती लगभग पांच साल की थीं। परिवारों के बीच संबंध होने के कारण दोनों एक-दूसरे को बचपन से जानते थे।

समय के साथ दोनों की दोस्ती आगे बढ़ी और बाद में यह रिश्ता प्रेम संबंध में बदल गया। सहवाग ने करीब 21 साल की उम्र में आरती को शादी के लिए प्रपोज किया था। परिवार के स्तर पर रिश्ते को लेकर कुछ झिझक भी बताई जाती है, लेकिन बाद में दोनों परिवारों की सहमति से यह रिश्ता विवाह तक पहुंचा।

22 अप्रैल 2004 को वीरेंद्र सहवाग और आरती अहलावत की शादी हुई। शादी दिल्ली में हुई थी और समारोह में परिवार तथा करीबी लोग शामिल हुए थे। इसके बाद दोनों ने अपनी पारिवारिक जिंदगी आगे बढ़ाई।

दो बेटों के पिता हैं वीरेंद्र सहवाग

सहवाग और आरती के दो बेटे हैं। बड़े बेटे का नाम आर्यवीर और छोटे बेटे का नाम वेदांत है। दोनों ने क्रिकेट में रुचि दिखाई है और अपने पिता की तरह खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ने की कोशिश कर रहे हैं।

सहवाग ने अपने इंटरव्यू में बेटों पर पड़ने वाले दबाव और उनसे होने वाली तुलना के विषय पर भी बात की। उनका मानना है कि बच्चों पर अपने माता-पिता की उपलब्धियों को दोहराने का दबाव नहीं होना चाहिए। उनके मुताबिक किसी महान खिलाड़ी का बेटा होना अपने आप में एक अलग तरह का दबाव पैदा कर सकता है, इसलिए बच्चों को अपनी पहचान बनाने का अवसर मिलना चाहिए।

यह विषय सहवाग के लिए इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि क्रिकेट में उनके नाम की अपनी अलग पहचान है। उनके बेटों के प्रदर्शन पर स्वाभाविक रूप से लोगों की नजर रहती है और उनकी तुलना अक्सर पिता के करियर से की जाती है।

शादी के बाद भी जारी रहा क्रिकेट का सफर

जब वीरेंद्र सहवाग और आरती की शादी हुई, तब सहवाग अपने क्रिकेट करियर के महत्वपूर्ण दौर में थे। शादी के बाद भी उन्होंने भारतीय क्रिकेट में कई बड़ी उपलब्धियां हासिल कीं।

सहवाग ने टेस्ट क्रिकेट में अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से अलग पहचान बनाई। जहां टेस्ट क्रिकेट में बल्लेबाज आमतौर पर पारी की शुरुआत संभलकर करने के लिए जाने जाते थे, वहीं सहवाग पहली ही गेंदों से विपक्षी गेंदबाजों पर दबाव बनाने की कोशिश करते थे। उनकी यही शैली धीरे-धीरे उनकी पहचान बन गई।

उनके नाम टेस्ट क्रिकेट में 8,586 रन हैं। उन्होंने 104 टेस्ट मैचों में 23 शतक लगाए। वनडे क्रिकेट में उन्होंने 251 मैचों में 8,273 रन बनाए। इसके अलावा उन्होंने भारत के लिए 19 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच भी खेले।

टेस्ट क्रिकेट में दो तिहरे शतक

वीरेंद्र सहवाग की क्रिकेट उपलब्धियों में दो तिहरे शतक सबसे खास उपलब्धियों में शामिल हैं। वह टेस्ट क्रिकेट में दो बार 300 से ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाजों में शामिल हैं।

2004 में पाकिस्तान के खिलाफ मुल्तान टेस्ट में उन्होंने 309 रन बनाए थे। इसके बाद 2008 में चेन्नई में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ उन्होंने 319 रन की पारी खेली। 319 रन की पारी भारतीय क्रिकेट में लंबे समय तक सबसे यादगार व्यक्तिगत टेस्ट पारियों में शामिल रही।

सहवाग की बल्लेबाजी का अंदाज उनकी इन पारियों में साफ दिखाई देता था। उन्होंने लंबे समय तक क्रीज पर टिककर रन बनाने के बजाय आक्रामक शॉट्स के जरिए तेजी से स्कोर बढ़ाने की शैली अपनाई।

वनडे में 219 रन की ऐतिहासिक पारी

सहवाग की एक और बड़ी उपलब्धि 2011 में आई, जब उन्होंने इंदौर में वेस्टइंडीज के खिलाफ वनडे मैच में 219 रन बनाए। उस समय वह वनडे क्रिकेट में दोहरा शतक बनाने वाले दुनिया के दूसरे बल्लेबाज बने थे।

उनकी इस पारी में 149 गेंदों पर 219 रन शामिल थे। उन्होंने 25 चौके और सात छक्के लगाए थे। भारत ने उस मुकाबले में 400 से अधिक का स्कोर बनाया था।

इस पारी ने सहवाग को वनडे क्रिकेट के इतिहास में भी एक विशेष स्थान दिलाया। बाद में कई बल्लेबाजों ने वनडे में दोहरे शतक बनाए, लेकिन सहवाग की 219 रन की पारी भारतीय क्रिकेट प्रशंसकों के लिए लंबे समय तक यादगार रही।

2011 विश्व कप जीत का भी हिस्सा रहे

सहवाग 2011 में भारत की विश्व कप विजेता टीम के महत्वपूर्ण सदस्यों में शामिल थे। घरेलू मैदान पर खेले गए उस विश्व कप में भारतीय टीम ने फाइनल में श्रीलंका को हराकर खिताब जीता था।

टूर्नामेंट के दौरान सहवाग ने आक्रामक शुरुआत देने की जिम्मेदारी निभाई। उनकी बल्लेबाजी की तेज शुरुआत कई मैचों में भारतीय टीम के लिए उपयोगी रही।

2011 विश्व कप जीत के बाद सहवाग का नाम भारतीय क्रिकेट की उस पीढ़ी के खिलाड़ियों में शामिल हो गया जिसने लंबे समय बाद देश को वनडे विश्व कप दिलाने में योगदान दिया।

क्रिकेट से संन्यास के बाद भी सक्रिय रहे

वीरेंद्र सहवाग ने 2015 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के सभी प्रारूपों से संन्यास की घोषणा की थी। इसके बाद भी वह क्रिकेट से पूरी तरह दूर नहीं हुए। उन्होंने कमेंट्री, क्रिकेट विश्लेषण और सोशल मीडिया के जरिए खेल से अपना जुड़ाव बनाए रखा।

उनकी सोशल मीडिया शैली भी काफी लोकप्रिय रही है। क्रिकेट के अलावा वह अक्सर अपने हास्यपूर्ण अंदाज और छोटी-छोटी टिप्पणियों के कारण चर्चा में रहते हैं।

अब वह टेलीविजन की दुनिया में भी एक अलग भूमिका निभाने जा रहे हैं। ‘Rise & Fall 2’ के जरिए सहवाग पहली बार एक बड़े रियलिटी शो के मुख्य होस्ट के रूप में नजर आएंगे। शो का प्रीमियर 26 सितंबर को निर्धारित है।

‘Rise & Fall 2’ को लेकर भी चर्चा में

सहवाग ने बताया कि शुरुआत में वह इस शो का हिस्सा बनने को लेकर बहुत उत्साहित नहीं थे। उनका मानना था कि क्रिकेट से अलग किसी रियलिटी शो को होस्ट करना उनके लिए चुनौतीपूर्ण हो सकता है।

हालांकि, शो के निर्माताओं से बातचीत के बाद उनका नजरिया बदला। उन्हें बताया गया कि शो में उनसे किसी पारंपरिक टीवी एंकर की तरह व्यवहार करने की उम्मीद नहीं है, बल्कि उनकी अपनी शैली और व्यक्तित्व को सामने लाना मकसद है। इसके बाद उन्होंने शो के होस्ट की भूमिका स्वीकार कर ली।

यह शो सहवाग के लिए क्रिकेट से पूरी तरह अलग तरह की चुनौती लेकर आएगा। खेल के मैदान पर जहां नियम और रणनीति स्पष्ट होती है, वहीं रियलिटी शो में अलग-अलग व्यक्तित्व, रणनीति, प्रतिस्पर्धा और दर्शकों की प्रतिक्रिया महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

पत्नी आरती को लेकर पुरानी चर्चाएं

सहवाग और आरती की शादी को दो दशक से अधिक समय हो चुका है। पिछले कुछ समय में सोशल मीडिया और कुछ रिपोर्टों में दोनों के रिश्ते को लेकर अलग-अलग तरह की अटकलें सामने आई थीं। कुछ रिपोर्टों में दोनों के अलग रहने की बात कही गई थी, लेकिन सहवाग या आरती की ओर से ऐसी अटकलों की कोई स्पष्ट आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

ऐसे में सहवाग का अपनी संभावित बायोपिक में लव स्टोरी को महत्वपूर्ण हिस्सा बनाने की इच्छा जताना खास तौर पर चर्चा में आया है। हालांकि, उनके बयान से उनके निजी रिश्ते की वर्तमान स्थिति के बारे में कोई निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा।

सहवाग ने इंटरव्यू के दौरान अपनी निजी जिंदगी के बारे में सोशल मीडिया पर चलने वाली चर्चाओं को लेकर भी संकेत दिया कि वह आमतौर पर अपने बारे में लिखी जाने वाली हर बात को नहीं पढ़ते।

क्रिकेट से आगे बढ़ती सहवाग की कहानी

वीरेंद्र सहवाग की जिंदगी को अगर कभी फिल्म में बदला जाता है तो उसमें कई अलग-अलग अध्याय हो सकते हैं। नजफगढ़ से क्रिकेट की शुरुआत, भारतीय टीम में जगह बनाना, टेस्ट क्रिकेट में आक्रामक ओपनिंग की नई शैली, पाकिस्तान के खिलाफ मुल्तान में तिहरा शतक, दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 319 रन, वनडे में 219 रन और 2011 विश्व कप जीत तक का सफर किसी खेल फिल्म के लिए पर्याप्त सामग्री देता है।

लेकिन सहवाग खुद चाहते हैं कि उनकी कहानी केवल आंकड़ों और क्रिकेट रिकॉर्ड तक सीमित न रहे। उनकी इच्छा है कि निजी जिंदगी और प्रेम कहानी को भी उस कहानी में जगह मिले। यही वजह है कि बायोपिक को लेकर उनका बयान क्रिकेट से ज्यादा उनके निजी जीवन के पहलू के कारण चर्चा में आया है।

फिलहाल बायोपिक की कोई आधिकारिक घोषणा नहीं

यह स्पष्ट करना जरूरी है कि फिलहाल वीरेंद्र सहवाग की बायोपिक को लेकर कोई आधिकारिक फिल्म प्रोजेक्ट घोषित नहीं हुआ है। न तो किसी निर्माता ने फिल्म की घोषणा की है और न ही अभिनेता, निर्देशक या रिलीज की तारीख तय होने की जानकारी सामने आई है।

इसलिए सहवाग का बयान भविष्य में संभावित बायोपिक को लेकर उनकी व्यक्तिगत इच्छा के रूप में देखा जाना चाहिए। अगर कभी उनकी जिंदगी पर फिल्म बनती है, तो यह देखना दिलचस्प होगा कि उनके क्रिकेट करियर और निजी जिंदगी के बीच किस तरह संतुलन बनाया जाता है।

फिलहाल सहवाग अपने नए टेलीविजन सफर पर ध्यान दे रहे हैं। 26 सितंबर से ‘Rise & Fall 2’ में बतौर होस्ट उनकी नई भूमिका दर्शकों के सामने होगी। क्रिकेट के मैदान पर आक्रामक बल्लेबाजी के लिए पहचाने जाने वाले सहवाग अब मनोरंजन की दुनिया में अपने उसी बेबाक और सहज अंदाज के साथ नजर आने वाले हैं।

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