वायरल बर्गर वीडियो के बाद CJP ने प्रवक्ता पद से हटाया विजेता दहिया, जानिए कौन हैं और क्यों मचा विवाद

5

नई दिल्ली। दिल्ली में आयोजित ‘चलो संसद’ प्रदर्शन के दौरान वायरल हुए एक वीडियो ने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रवक्ता विजेता दहिया को अचानक सुर्खियों में ला दिया। सोशल मीडिया पर सामने आए एक वीडियो में वह प्रदर्शन के बीच एक बर्गर आउटलेट में खाना खाते दिखाई दिए। वीडियो वायरल होने के बाद इसे लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आईं और कुछ ही घंटों में पार्टी ने उन्हें प्रवक्ता पद से हटा दिया। पार्टी का कहना है कि उनका व्यवहार आंदोलन की भावना और संगठन के मूल्यों के अनुरूप नहीं था।

कौन हैं विजेता दहिया?

विजेता दहिया हाल के महीनों में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रमुख चेहरों में शामिल हुए थे। उन्हें 3 जून 2026 को पार्टी का आधिकारिक प्रवक्ता नियुक्त किया गया था। वह मीडिया में पार्टी का पक्ष रखने और विभिन्न जन आंदोलनों के दौरान संगठन का प्रतिनिधित्व करने के लिए जाने जाते थे। ‘चलो संसद’ अभियान के दौरान भी वह पार्टी की ओर से लगातार सक्रिय दिखाई दे रहे थे।

कैसे शुरू हुआ विवाद?

सोमवार को दिल्ली में आयोजित प्रदर्शन के दौरान सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें विजेता दहिया एक फास्ट फूड आउटलेट में बर्गर खाते नजर आए। उसी समय प्रदर्शन स्थल पर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तनाव की खबरें सामने आ रही थीं। वीडियो वायरल होते ही सोशल मीडिया पर सवाल उठने लगे कि जब कार्यकर्ता आंदोलन में जुटे थे, तब पार्टी का प्रवक्ता अलग स्थान पर भोजन करता दिखाई क्यों दिया।

पार्टी ने क्यों लिया बड़ा फैसला?

विवाद बढ़ने के बाद CJP ने आधिकारिक बयान जारी कर विजेता दहिया को सभी जिम्मेदारियों से मुक्त कर दिया। पार्टी ने कहा कि उनका व्यवहार “गहरी असंवेदनशीलता” दर्शाता है और यह आंदोलन के सिद्धांतों के विपरीत है। संगठन ने स्पष्ट किया कि प्रदर्शन के दौरान जब कार्यकर्ता कठिन परिस्थितियों का सामना कर रहे थे, उस समय इस तरह का आचरण स्वीकार्य नहीं माना जा सकता।

विजेता दहिया ने क्या कहा?

विवाद के बाद विजेता दहिया ने अपने बचाव में कहा कि वह लगातार कई घंटों से आंदोलन में सक्रिय थे और काफी भूखे थे, इसलिए उन्होंने भोजन किया। उनका कहना था कि किसी व्यक्ति का खाना खाना गलत नहीं है और इसे आंदोलन के प्रति उनकी प्रतिबद्धता से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए। बाद में उन्होंने यह भी बताया कि पार्टी नेतृत्व ने उनसे इस्तीफा देने को कहा, लेकिन उन्होंने स्वयं इस्तीफा देने से इनकार करते हुए कहा कि यदि संगठन चाहे तो उन्हें पद से हटा सकता है।

सोशल मीडिया पर बंटी राय

इस पूरे मामले के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की प्रतिक्रियाएं भी बंटी हुई नजर आईं। कुछ लोगों ने पार्टी के फैसले को अनुशासन और जवाबदेही का उदाहरण बताया, जबकि कुछ ने कहा कि केवल एक वायरल वीडियो के आधार पर किसी व्यक्ति की पूरी भूमिका का आकलन करना उचित नहीं है। कई यूजर्स ने यह भी कहा कि आंदोलन के दौरान भोजन करना सामान्य बात है, जबकि अन्य का मानना था कि सार्वजनिक जीवन में नेताओं और प्रवक्ताओं को अपने आचरण के प्रति अधिक सतर्क रहना चाहिए।

फिलहाल विजेता दहिया को CJP के प्रवक्ता पद से हटा दिया गया है और यह मामला सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक हलकों तक चर्चा का विषय बना हुआ है। इस घटना ने एक बार फिर यह बहस छेड़ दी है कि सार्वजनिक जीवन से जुड़े लोगों के निजी व्यवहार और सार्वजनिक छवि के बीच संतुलन कितना महत्वपूर्ण है, खासकर तब जब वे किसी बड़े जन आंदोलन का चेहरा हों।

Share it :

End