परिसीमन बिल पर सियासी हलचल के बीच पीएम मोदी से मिले एकनाथ शिंदे, संसद में अहम मुद्दों पर हुई चर्चा

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नई दिल्ली। संसद में महिला आरक्षण और परिसीमन से जुड़े संविधान संशोधन विधेयकों को लेकर जारी राजनीतिक हलचल के बीच महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से संसद भवन में मुलाकात की। इस बैठक ने राजनीतिक गलियारों में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है। हालांकि बैठक के बाद किसी भी पक्ष की ओर से विस्तृत आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की गई, लेकिन माना जा रहा है कि इसमें संसद के मौजूदा सत्र, महाराष्ट्र से जुड़े मुद्दों और आगामी राजनीतिक रणनीति पर चर्चा हुई।

सूत्रों के अनुसार, शिंदे की यह दिल्ली यात्रा ऐसे समय हुई है जब संसद में परिसीमन और महिला आरक्षण विधेयकों को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच लगातार चर्चा और मतभेद बने हुए हैं। इसी वजह से प्रधानमंत्री और शिंदे की मुलाकात को राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि सरकार या शिंदे की ओर से यह नहीं कहा गया है कि बैठक का मुख्य एजेंडा केवल परिसीमन विधेयक था।

बताया जा रहा है कि बैठक में महाराष्ट्र के विकास कार्यों, केंद्र और राज्य सरकार के बीच समन्वय, लंबित परियोजनाओं तथा संसद में चल रहे महत्वपूर्ण विधायी एजेंडे पर भी चर्चा हुई। हाल के दिनों में महाराष्ट्र की राजनीति और राष्ट्रीय स्तर पर एनडीए की रणनीति को लेकर लगातार अटकलें लगाई जा रही हैं। ऐसे में प्रधानमंत्री और शिंदे की मुलाकात को इन घटनाक्रमों के संदर्भ में भी देखा जा रहा है।

मुलाकात के बाद एकनाथ शिंदे ने मीडिया से बातचीत में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का बचाव करते हुए कहा कि “अमित शाह को किसी से देशभक्ति सीखने की जरूरत नहीं है।” उन्होंने कहा कि गृह मंत्री का देश के प्रति योगदान सभी के सामने है और उनकी राष्ट्रभक्ति पर सवाल उठाना उचित नहीं है। शिंदे का यह बयान भी राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बना हुआ है।

गौरतलब है कि परिसीमन विधेयक को लेकर संसद में पिछले कई दिनों से जोरदार बहस चल रही है। विपक्षी दलों ने इस मुद्दे पर सरकार से व्यापक चर्चा और सर्वदलीय सहमति की मांग की है। इससे पहले संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी से भी इस विषय पर मुलाकात की थी, लेकिन कांग्रेस ने अपने रुख में किसी बदलाव से इनकार किया था।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि परिसीमन और महिला आरक्षण जैसे संवैधानिक संशोधन विधेयकों पर सरकार सहयोगी दलों के साथ लगातार संवाद बनाए हुए है। इसी क्रम में एनडीए के प्रमुख नेताओं के साथ प्रधानमंत्री की बैठकों को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि अब तक सरकार की ओर से यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि इन विधेयकों पर आगे की रणनीति क्या होगी और संसद में इन्हें किस समय अंतिम रूप से पेश या पारित कराया जाएगा।

महाराष्ट्र की राजनीति के लिहाज से भी यह मुलाकात अहम मानी जा रही है। हाल के दिनों में राज्य में संभावित राजनीतिक बदलाव, संगठनात्मक गतिविधियों और सरकार की रणनीति को लेकर कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं। ऐसे माहौल में प्रधानमंत्री और एकनाथ शिंदे की मुलाकात ने इन चर्चाओं को और तेज कर दिया है। हालांकि दोनों नेताओं की ओर से फिलहाल इसे नियमित राजनीतिक और प्रशासनिक संवाद का हिस्सा बताया जा रहा है तथा बैठक में हुई चर्चा का विस्तृत ब्यौरा सार्वजनिक नहीं किया गया है।

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