कैंसर से जंग के बीच छलका नफीसा अली का दर्द, बोलीं- ‘खुद को देखकर कैमरे के सामने आने का हौसला नहीं था’

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बॉलीवुड की वरिष्ठ अभिनेत्री और पूर्व मिस इंडिया नफीसा अली ने कैंसर से अपनी लंबी लड़ाई के दौरान झेली गई मानसिक और शारीरिक चुनौतियों को लेकर भावुक खुलासा किया है। 69 वर्षीय अभिनेत्री ने बताया कि कैंसर के इलाज और कीमोथेरेपी के दौरान उनका आत्मविश्वास पूरी तरह टूट गया था। उन्हें लगता था कि उनकी शारीरिक स्थिति इतनी बदल चुकी है कि वह दोबारा कैमरे के सामने नहीं आ पाएंगी। हालांकि निर्देशक और पूरी टीम के प्रोत्साहन ने उन्हें फिर से अभिनय की दुनिया में लौटने का हौसला दिया। यह खुलासा उन्होंने अपनी फिल्म “Max, Min and Meowzaki” के ट्रेलर लॉन्च के दौरान किया, जिसका प्रीमियर एक अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव में भी हो चुका है।

नफीसा अली ने कहा कि जब उन्हें फिल्म का प्रस्ताव मिला, तब वह कैंसर के इलाज के सबसे कठिन दौर से गुजर रही थीं। उन्होंने निर्देशक पद्मकुमार नरसिम्हामूर्ति से साफ शब्दों में कहा था कि वह फिल्म नहीं कर पाएंगी क्योंकि कीमोथेरेपी के कारण उनका रूप-रंग बदल गया था और उनका आत्मविश्वास खत्म हो चुका था। अभिनेत्री ने बताया, “मैंने उनसे कहा कि मैं कैंसर और कीमोथेरेपी के बीच हूं। मैं अच्छी नहीं दिख रही हूं और अभिनय नहीं करना चाहती।” लेकिन निर्देशक ने उन्हें समझाया कि उनकी वास्तविक पहचान उनके व्यक्तित्व और अभिनय में है, न कि केवल उनके बाहरी रूप में। यही विश्वास उन्हें दोबारा कैमरे के सामने लेकर आया।

नफीसा अली ने स्वीकार किया कि कैंसर केवल शरीर को ही नहीं, बल्कि मन को भी गहराई से प्रभावित करता है। इलाज के दौरान उन्हें लगातार यह महसूस होता था कि वह पहले जैसी नहीं रहीं। उन्होंने कहा कि कई बार बीमारी इंसान के आत्मविश्वास को इस हद तक तोड़ देती है कि वह अपनी पसंदीदा चीजें करने से भी डरने लगता है। ऐसे समय में परिवार, दोस्तों और सहकर्मियों का सहयोग सबसे बड़ी ताकत बन जाता है। उन्होंने कहा कि फिल्म की टीम ने उन्हें यह भरोसा दिलाया कि दर्शक उन्हें उनके अभिनय के लिए पसंद करते हैं, न कि केवल उनकी बाहरी सुंदरता के लिए।

ट्रेलर लॉन्च के दौरान फिल्म की निर्माता समीक्षा ओसवाल भी भावुक हो गईं। उन्होंने बताया कि नफीसा अली ने बेहद कठिन स्वास्थ्य परिस्थितियों के बावजूद फिल्म के प्रति अपनी प्रतिबद्धता निभाई। उनके अनुसार, शूटिंग शुरू होने से पहले अभिनेत्री की बड़ी सर्जरी हुई थी और वह लगातार कैंसर का इलाज करा रही थीं। यहां तक कि हाल ही में भी उन्होंने बोन मैरो इंजेक्शन और कीमोथेरेपी लेने के बावजूद फिल्म के प्रचार के लिए यात्रा की। निर्माता ने कहा कि नफीसा अली का समर्पण पूरी टीम के लिए प्रेरणा का स्रोत रहा है।

नफीसा अली वर्ष 2018 में अपने कैंसर के बारे में सार्वजनिक रूप से जानकारी देने के बाद से लगातार लोगों को जागरूक करती रही हैं। उन्होंने अपनी बीमारी और उपचार के अनुभवों को कभी छिपाया नहीं और समय-समय पर सोशल मीडिया तथा सार्वजनिक मंचों के माध्यम से लोगों के साथ साझा किया। उनका मानना है कि गंभीर बीमारियों के बारे में खुलकर बात करने से मरीजों को मानसिक रूप से मजबूत बनने में मदद मिलती है और समाज में जागरूकता भी बढ़ती है।

फिल्म “Max, Min and Meowzaki” एक भावनात्मक पारिवारिक कहानी पर आधारित है, जिसमें नफीसा अली महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। फिल्म को अंतरराष्ट्रीय फिल्म समारोहों में सराहना मिली है और अब इसके व्यापक प्रदर्शन की तैयारी चल रही है। अभिनेत्री का कहना है कि इस फिल्म ने उन्हें केवल अभिनय में वापसी का अवसर ही नहीं दिया, बल्कि जीवन के प्रति उनका विश्वास भी दोबारा मजबूत किया।

मनोरंजन जगत के कई कलाकारों और प्रशंसकों ने नफीसा अली के साहस की सराहना की है। सोशल मीडिया पर लोग उन्हें प्रेरणा का प्रतीक बताते हुए उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना कर रहे हैं। कई लोगों का कहना है कि उन्होंने यह साबित कर दिया कि कठिन परिस्थितियों के बावजूद इच्छाशक्ति और सकारात्मक सोच के बल पर जीवन में आगे बढ़ा जा सकता है।

नफीसा अली का यह अनुभव उन लोगों के लिए भी प्रेरणादायक माना जा रहा है जो किसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे हैं। उन्होंने यह संदेश दिया कि बीमारी व्यक्ति की पहचान नहीं होती और आत्मविश्वास दोबारा हासिल किया जा सकता है। उनके अनुसार, उपचार के दौरान शारीरिक बदलाव स्वाभाविक हैं, लेकिन यदि परिवार और सहयोगियों का साथ मिले तो जीवन की नई शुरुआत संभव है। उनकी कहानी केवल एक अभिनेत्री की वापसी नहीं, बल्कि साहस, धैर्य और उम्मीद की मिसाल बनकर सामने आई है।

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