सीने से जुड़ी दो बच्चियों को मिली नई जिंदगी: सऊदी अरब में 14 घंटे चली जटिल सर्जरी सफल, भावुक होकर रो पड़ी मां

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सऊदी अरब में डॉक्टरों की एक विशेषज्ञ टीम ने चिकित्सा जगत की बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए सीने से जुड़ी दो मासूम बच्चियों को सफलतापूर्वक अलग कर दिया। जन्म से ही एक-दूसरे से जुड़ी इन बच्चियों का शरीर कई महत्वपूर्ण अंगों के स्तर पर आपस में जुड़ा हुआ था। सबसे बड़ी चुनौती यह थी कि दोनों का एक ही लिवर था, जिसके कारण ऑपरेशन बेहद जटिल और जोखिमपूर्ण माना जा रहा था। कई घंटों तक चले इस कठिन ऑपरेशन के बाद डॉक्टरों ने दोनों बच्चियों को सफलतापूर्वक अलग कर नई जिंदगी देने में सफलता प्राप्त की।

यह जटिल सर्जरी सऊदी अरब के एक विशेष चिकित्सा केंद्र में की गई, जहां बाल चिकित्सा, लिवर सर्जरी, एनेस्थीसिया और क्रिटिकल केयर के विशेषज्ञ डॉक्टरों की बड़ी टीम ने मिलकर ऑपरेशन को अंजाम दिया। सर्जरी की तैयारी कई महीनों से चल रही थी। डॉक्टरों ने बच्चियों के शरीर की संरचना को समझने के लिए अत्याधुनिक मेडिकल इमेजिंग तकनीकों, 3डी मॉडलिंग और विस्तृत चिकित्सकीय परीक्षणों का सहारा लिया।

रिपोर्टों के अनुसार दोनों बच्चियां सीने के हिस्से से जुड़ी हुई थीं और उनके शरीर के कुछ आंतरिक अंग भी आपस में जुड़े हुए थे। सबसे बड़ी चुनौती साझा लिवर को सुरक्षित तरीके से अलग करना था ताकि दोनों बच्चियों के शरीर में पर्याप्त कार्यशील अंग मौजूद रहें और भविष्य में उनके स्वास्थ्य पर कोई गंभीर प्रभाव न पड़े।

ऑपरेशन शुरू होने से पहले चिकित्सा विशेषज्ञों ने कई चरणों में योजना तैयार की। सर्जरी के दौरान अलग-अलग टीमों को विशिष्ट जिम्मेदारियां सौंपी गईं ताकि किसी भी आपात स्थिति का तुरंत सामना किया जा सके। डॉक्टरों ने अत्यंत सावधानी के साथ साझा रक्त वाहिकाओं और ऊतकों को अलग किया। इसके बाद लिवर को इस प्रकार विभाजित किया गया कि दोनों बच्चियों को पर्याप्त कार्यशील हिस्सा मिल सके।

करीब 14 घंटे तक चली इस जटिल प्रक्रिया के दौरान ऑपरेशन थिएटर में मौजूद डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ की पूरी टीम लगातार सक्रिय रही। सर्जरी सफल होने के बाद दोनों बच्चियों को गहन चिकित्सा इकाई (आईसीयू) में निगरानी के लिए रखा गया, जहां उनकी स्थिति स्थिर बताई गई।

सबसे भावुक क्षण तब आया जब बच्चियों की मां ने पहली बार अपनी दोनों बेटियों को अलग-अलग बिस्तरों पर देखा। वर्षों की चिंता और अनिश्चितता के बाद अपनी बेटियों को सुरक्षित देखकर वह भावुक हो गईं और उनकी आंखों से खुशी के आंसू निकल पड़े। अस्पताल में मौजूद कई डॉक्टर और नर्स भी इस भावनात्मक पल से प्रभावित हुए।

चिकित्सकों का कहना है कि सीने से जुड़े जुड़वां बच्चों की सर्जरी दुनिया की सबसे कठिन मेडिकल प्रक्रियाओं में से एक मानी जाती है। इसमें केवल ऑपरेशन की तकनीकी जटिलताएं ही नहीं होतीं, बल्कि ऑपरेशन के बाद की रिकवरी भी बेहद महत्वपूर्ण होती है। ऐसे मामलों में संक्रमण, रक्तस्राव और अंगों की कार्यक्षमता से जुड़े कई जोखिम बने रहते हैं।

विशेषज्ञों के अनुसार आधुनिक चिकित्सा तकनीकों, बेहतर सर्जिकल योजना और बहु-विषयक चिकित्सा टीमों की बदौलत आज ऐसे जटिल मामलों में सफलता की संभावना पहले की तुलना में काफी बढ़ गई है। फिर भी हर मामला अलग होता है और प्रत्येक सर्जरी अपने साथ नई चुनौतियां लेकर आती है।

सऊदी अरब ने पिछले कुछ वर्षों में जुड़वां बच्चों को अलग करने की कई जटिल सर्जरियों में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। देश का विशेष जुड़वां शिशु कार्यक्रम दुनिया भर में चिकित्सा विशेषज्ञों के बीच चर्चा का विषय रहा है। कई देशों से मरीज यहां उपचार के लिए आते हैं।

फिलहाल दोनों बच्चियां डॉक्टरों की निगरानी में हैं और उनकी रिकवरी पर लगातार नजर रखी जा रही है। चिकित्सकों का कहना है कि यदि स्वास्थ्य में सुधार इसी तरह जारी रहा तो आने वाले समय में दोनों सामान्य बच्चों की तरह जीवन जी सकेंगी। यह सफल सर्जरी न केवल उनके परिवार के लिए खुशी का अवसर है, बल्कि आधुनिक चिकित्सा विज्ञान की क्षमता और मानव प्रयासों की एक प्रेरणादायक मिसाल भी बन गई है।

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