‘मैं गुस्से में था क्योंकि…’, सुखबीर बादल पर कृपाण से हमला करने वाले निहंग ने बताई वजह, पुणे तक पहुंची जांच

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नई दिल्ली। शिरोमणि अकाली दल के प्रमुख और पंजाब के पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल पर महाराष्ट्र के नांदेड़ में गुरुद्वारा साहिब के बाहर कृपाण से हुए हमले के बाद मामले की जांच तेज हो गई है। पुलिस ने हमले के आरोपी जसपाल सिंह को मौके से ही गिरफ्तार कर लिया था। शुरुआती पूछताछ में आरोपी ने पंजाब में नशे की समस्या को लेकर गुस्सा होने की बात कही है। हालांकि पुलिस का कहना है कि हमले की वास्तविक वजह अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं हुई है और कई पहलुओं की जांच की जा रही है।

गुरुद्वारे में हुआ हमला

यह घटना गुरुवार 13 अगस्त को दोपहर करीब 1:45 बजे नांदेड़ के पास स्थित गुरुद्वारा माता साहिब देवन जी मुगत में हुई। सुखबीर सिंह बादल गुरुद्वारे में धार्मिक सेवा के लिए पहुंचे थे। कार्यक्रम के बाद जब वह सीढ़ियों से नीचे उतर रहे थे, तभी निहंग वेशभूषा में मौजूद जसपाल सिंह ने कथित तौर पर उन पर कृपाण से हमला कर दिया।

हमले के दौरान सुरक्षाकर्मियों ने तुरंत कार्रवाई की और आरोपी को पकड़ लिया। इसी दौरान सुरक्षा में तैनात एक पुलिसकर्मी के घायल होने की भी जानकारी सामने आई है।

सुखबीर बादल के हाथ में लगी चोट

हमले में सुखबीर सिंह बादल के दाहिने हाथ में चोट आई। उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां उनके हाथ में दो से तीन टांके लगाए गए। डॉक्टरों के मुताबिक उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।

हमले के बाद सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठे हैं, क्योंकि सुखबीर सिंह बादल को उच्च स्तर की सुरक्षा प्राप्त है। घटना के समय उनके साथ परिवार के सदस्य और सुरक्षाकर्मी भी मौजूद थे।

आरोपी जसपाल सिंह कौन है?

पुलिस के मुताबिक, हमले के आरोपी की पहचान करीब 60 से 62 वर्षीय जसपाल सिंह के रूप में हुई है। वह मूल रूप से पुणे का रहने वाला बताया जा रहा है। पिछले करीब दो वर्षों से वह नांदेड़ स्थित इसी गुरुद्वारे में सेवादार के तौर पर काम कर रहा था।

जसपाल सिंह के निहंग संप्रदाय से जुड़े होने की जानकारी भी सामने आई है। रिपोर्टों के अनुसार, वह गुरुद्वारे में अकेले रहकर सेवा करता था, जबकि उसका परिवार पुणे में रहता है।

जसपाल सिंह का पुणे कनेक्शन

मामले की जांच अब नांदेड़ से आगे बढ़कर पुणे तक पहुंच गई है। पुलिस और महाराष्ट्र एंटी टेररिज्म स्क्वॉड यानी ATS आरोपी की पृष्ठभूमि की जांच कर रहे हैं।

जांच टीम पुणे स्थित उसके घर भी पहुंची है। अधिकारियों की कोशिश यह पता लगाने की है कि आरोपी का पारिवारिक, सामाजिक और पेशेवर बैकग्राउंड क्या है और क्या उसका किसी संगठन या आपराधिक नेटवर्क से कोई संबंध रहा है।

फिलहाल पुलिस को आरोपी के किसी गिरोह से जुड़े होने या उसके खिलाफ किसी बड़े आपराधिक रिकॉर्ड की जानकारी नहीं मिली है।

‘पंजाब में नशे की समस्या से था नाराज’

नांदेड़ के पुलिस अधीक्षक नीलाभ रोहन के मुताबिक, शुरुआती पूछताछ में जसपाल सिंह ने पंजाब में नशे की समस्या का जिक्र किया है। आरोपी ने कथित तौर पर कहा कि वह पंजाब में ड्रग्स की स्थिति को लेकर गुस्से में था।

हालांकि, पुलिस ने साफ किया है कि यह केवल शुरुआती पूछताछ में सामने आई बात है। इससे यह निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता कि हमला सिर्फ इसी वजह से किया गया था।

पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आरोपी का सुखबीर बादल से कोई व्यक्तिगत या राजनीतिक संबंध था या नहीं और क्या हमले की योजना पहले से बनाई गई थी।

हमले से पहले की गतिविधियों की भी जांच

जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि जसपाल सिंह को सुखबीर सिंह बादल के गुरुद्वारा आने की जानकारी कैसे मिली। साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि क्या आरोपी ने पहले से किसी तरह की तैयारी की थी।

गुरुद्वारे में उसकी पिछले दो वर्षों से मौजूदगी के कारण जांच एजेंसियों के लिए यह पहलू भी महत्वपूर्ण है कि उसने वहां रहते हुए किसी संदिग्ध गतिविधि को अंजाम दिया था या नहीं।

ATS भी जांच में शामिल

महाराष्ट्र ATS भी स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर मामले की जांच कर रही है। ATS की टीम आरोपी के पुणे स्थित घर पहुंची और उसके परिवार तथा पृष्ठभूमि से संबंधित जानकारी जुटाई।

जांच एजेंसियां आरोपी के संपर्कों, उसकी गतिविधियों और संभावित मकसद को समझने की कोशिश कर रही हैं। फिलहाल किसी आतंकी संगठन या आपराधिक गिरोह से उसके संबंध की पुष्टि नहीं हुई है।

हमले के बाद बोला ‘मैं सरेंडर करता हूं’

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हमले के तुरंत बाद जसपाल सिंह ने कथित तौर पर ‘मैं सरेंडर करता हूं’ कहा। सुरक्षा कर्मियों ने उसे तुरंत काबू में कर लिया और पुलिस के हवाले कर दिया।

इस वजह से हमलावर को घटनास्थल से भागने का मौका नहीं मिला। पुलिस ने मौके से संबंधित सामग्री और अन्य संभावित सबूत भी जुटाए हैं।

सुखबीर बादल पर दूसरा बड़ा हमला

नांदेड़ की घटना सुखबीर सिंह बादल पर पिछले करीब दो वर्षों में हुआ दूसरा बड़ा हमला है। इससे पहले दिसंबर 2024 में अमृतसर के स्वर्ण मंदिर परिसर में सेवा के दौरान उन पर गोली चलाने की कोशिश हुई थी।

उस घटना में सुरक्षा कर्मियों की तत्परता से उनकी जान बच गई थी। अब नांदेड़ में कृपाण से हमला होने के बाद उनकी सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।

पुराने धार्मिक विवाद भी चर्चा में

नांदेड़ हमले के बाद सुखबीर सिंह बादल से जुड़े पुराने धार्मिक और राजनीतिक विवाद भी चर्चा में आ गए हैं। खास तौर पर 2015 में डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को माफी दिए जाने और बाद में उस फैसले को वापस लिए जाने का मामला फिर से सामने आया है।

इन घटनाओं को लेकर अकाली नेतृत्व की भूमिका पर लंबे समय से सवाल उठते रहे हैं। बाद में श्री अकाल तख्त साहिब की ओर से सुखबीर बादल को धार्मिक कदाचार से जुड़े मामले में सजा भी सुनाई गई थी।

हालांकि, इन पुराने विवादों और नांदेड़ में हुए मौजूदा हमले के बीच कोई सीधा संबंध होने की अभी तक पुष्टि नहीं हुई है।

राजनीतिक बयानबाजी भी तेज

हमले के बाद पंजाब की राजनीति में भी हलचल तेज हो गई है। शिरोमणि अकाली दल ने घटना की निष्पक्ष जांच की मांग की है। पार्टी नेताओं ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए मामले की गहराई से जांच कराने की मांग की है।

वहीं, कांग्रेस और आम आदमी पार्टी ने भी हमले की निंदा की है। हालांकि, विपक्षी दलों ने पंजाब में पुराने बेअदबी मामलों और उससे जुड़े राजनीतिक विवादों का भी जिक्र किया है।

राजनीतिक दलों ने यह जरूर कहा है कि किसी भी तरह की राजनीतिक या धार्मिक नाराजगी को हिंसा का आधार नहीं बनाया जा सकता। लोकतांत्रिक व्यवस्था में किसी विवाद का समाधान कानून और संवैधानिक प्रक्रिया के जरिए ही होना चाहिए।

पुलिस के सामने कई अहम सवाल

जांच एजेंसियों के सामने अब कई महत्वपूर्ण सवाल हैं। पहला, जसपाल सिंह ने वास्तव में किस वजह से सुखबीर बादल को निशाना बनाया? दूसरा, क्या हमला अचानक गुस्से में किया गया या इसकी पहले से योजना बनाई गई थी? तीसरा, क्या आरोपी के पीछे कोई अन्य व्यक्ति या संगठन था?

इसके अलावा पुलिस यह भी जांच रही है कि आरोपी के पास कृपाण कैसे और कब से थी और क्या उसने हमले से पहले किसी संदिग्ध व्यक्ति से संपर्क किया था।

पुणे में परिवार और पृष्ठभूमि की जांच

पुणे में आरोपी के परिवार और उसके पुराने जीवन से जुड़े पहलुओं की भी जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि जसपाल सिंह पहले क्या करता था और उसकी सामाजिक तथा पेशेवर गतिविधियां कैसी थीं।

उसके परिवार में पत्नी और एक विवाहित बेटी होने की जानकारी सामने आई है। पुलिस उसके पुराने संपर्कों और गतिविधियों को भी जांच का हिस्सा बना रही है।

अभी सामने नहीं आया हमले का अंतिम मकसद

फिलहाल पुलिस ने यह नहीं कहा है कि पंजाब में नशे की समस्या ही हमले की अंतिम वजह थी। यह आरोपी की शुरुआती पूछताछ में सामने आया एक दावा है। जांच पूरी होने के बाद ही हमले के पीछे का वास्तविक मकसद स्पष्ट हो पाएगा।

जांच एजेंसियां इस मामले को गंभीरता से ले रही हैं और आरोपी के बयान के साथ-साथ अन्य सबूतों की भी जांच कर रही हैं।

नांदेड़ की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर उठाए सवाल

धार्मिक स्थल पर हाई-प्रोफाइल राजनीतिक नेता पर हमला होने से गुरुद्वारा परिसर की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठे हैं। घटना के बाद सुरक्षा प्रोटोकॉल की समीक्षा की जा सकती है।

खास तौर पर यह सवाल उठ रहा है कि दो साल से गुरुद्वारे में सेवादार के रूप में काम कर रहा व्यक्ति सुरक्षा घेरे के इतने करीब कैसे पहुंच गया और उसके पास कृपाण होने के बावजूद हमले की स्थिति क्यों बनी।

अब जांच रिपोर्ट का इंतजार

फिलहाल जसपाल सिंह पुलिस हिरासत में है और उससे पूछताछ जारी है। स्थानीय पुलिस के साथ ATS भी मामले के अलग-अलग पहलुओं की जांच कर रही है। पुणे कनेक्शन की जांच से आरोपी के पुराने जीवन और संपर्कों के बारे में और जानकारी सामने आने की उम्मीद है।

कुल मिलाकर, सुखबीर सिंह बादल पर नांदेड़ के गुरुद्वारे में हुआ हमला कई सवाल छोड़ गया है। आरोपी जसपाल सिंह के शुरुआती बयान में पंजाब की नशे की समस्या को लेकर नाराजगी की बात सामने आई है, लेकिन पुलिस अभी इसे अंतिम मकसद नहीं मान रही है। आरोपी की पृष्ठभूमि, उसके संपर्कों और हमले की पूरी योजना की जांच की जा रही है। पुणे तक पहुंची जांच के बाद अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि पुलिस और ATS इस मामले में हमले की असली वजह और किसी संभावित साजिश के बारे में क्या निष्कर्ष निकालती हैं।

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